
उरई। निर्माण मजदूर यूनियन की अगुवाई में आज बड़ी संख्या में निर्माण मजदूरों ने शहर में जुलूस प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निर्माण ठेकेदारों द्वारा उनका श्रम कार्यालय में पंजीयन न कराने का आरोप लगाया।
निर्माण मजदूर यूनियन के जिला मंत्री देवेंद्र सिंह आजाद के नेतृत्व में रामानंद उमरारखेरा, रामनारायण नयाराम नगर, रामप्रकाश, शिवराम सिंह, जितेंद्र ओमरे, धर्मेंद्र, इसरार उरई, शमसाद अहमद, अशोक रवि, संजय,चंदन, सुरेश, नंदराम, जय सिंह, लालदास, शंकर लाल, बृजेंद्र कुमार, राजकुमार, संतराम, श्रीकांत, छोटेलाल, धर्मेंद्र, दीपक, श्याम सिंह, मनीलाल, गुलाब सिंह, प्रेम सिंह, सोहन लाल, विमल सिंह, धनीराम, अशोक कुमार, मेवालाल, ओमप्रकाश, दीपक मटरा, धन सिंह, मान सिंह वर्मा आदि करीब एक सैकड़ा मजदूरों ने जिलाधिकारी ज्ञापन सौंपा जिसमें राज्यपाल उत्तर प्रदेश शासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए अवगत कराया कि जनपद जालौन में बालू खनन न होने से निर्माण श्रमिकों का काम बंद है। सरकारी कार्य धरातल पर नहीं केवल कागजों पर हो रहे हैं। सरकारी ठेकेदारों के द्वारा अपने निविदा टेंडरों के समय श्रमिकों का कार्य नहीं कराया जाता है प्राइवेट भवन मालिकों द्वारा भी मजदूरों का पंजीयन नहीं कराया जाता। श्रम प्रवर्तन अधिकारी एवं भवन मालिकों की सांठगांठ के चलते भवन मालिकों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाती है बल्कि अपना आर्थिक हित साधकर करोड़ों के राजस्व की क्षति की जाती है। मजदूरों ने बताया कि निर्माण मजदूर यूनियन के जिला मंत्री देवेंद्र सिंह आजाद के द्वारा 14 जुलाई से 16 जुलाई तक जिलाधिकारी से लेकर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तक को प्रार्थना पत्र भेजे गए। इसके बाद भी मजदूरों को काम रोजी-रोटी एवं उत्तर प्रदेश भवन सन्निर्माण कर्मकार, कल्याण योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने श्रम प्रवर्तन अधिकारी पर श्रमायुक्त झांसी की शह पर मजदूरों का शोषण करने का आरोप लगाया। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्या का निदान नहीं किया और हम भूखे मजदूरों को तत्काल भोजन के राहत पैकेट जीवन बचाने के लिए उपलब्ध नहीं कराए गए तो वह धरना प्रदर्शन व भूख हड़ताल को मजबूर हो जाएंगे।






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