cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngकोंच-उरई। कोंच को तीन तरफ से घेर कर कभी कभी बर्बादी का सबब बनने बाला मलंगा नाला में जमा गाद तथा बेहद संकरा हो जाने के कारण किसानों में बेचैनी है। खासतौर पर गुरावती पचीपुरा, रवा तथा भेंड़ के आसपास के इलाके में इसका स्वरूप पतली नाली का हो जाने चलते किसान इस बात को लेकर परेशान हैं कि फसल की बुबाई के बाद नहरों के बेसी पानी का फैलाव इतना होगा कि उनके खेत तालाब बन जायेंगे और किसानों को दाने दाने के लिये मोहताज होना पड़ जायेगा। यहां गल्ला मंडी में संपन्न हुई भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत में यह मुद्दा जोर शोर से उठा और प्रशासन से जोरदार मांग की गई कि समय रहते ग्रामसभाओं को ताकीद की जाये कि मनरेगा के तहत इस नाले की खुदाई सफाई करा दी जाये तब शायद किसान बर्बादी से बच सकेगा।
भाकियू की मासिक पंचायत गल्ला मंडी में वीरेन्द्रसिंह पटेल पचीपुरा की अध्यक्षता और यूनियन के तहसील अध्यक्ष चतुरसिंह पटेल के संचालन में संपन्न हुई जिसमें किसानों से जुड़ी तमाम समस्याओं पर विस्तार से चर्चा के बाद सात सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम मुईनुल इस्लाम को दिया गया। ज्ञापन में मलंगा नाले की समस्या को तो प्रमुखता से उकेरा ही गया है, अन्य समस्याओं में नहरें फुल गेज से चलाने ताकि पलेवा हो सके, सहकारी समितियों में रखी पुरानी जमी जमाई खाद का वितरण नहीं कराने तथा किसानों की पासबुक पर ही वितरित कराने की मांग की गई। राजकीय बीज गोदामों पर कृषि विभाग द्वारा नये व प्रमाणित बीज ही भेजने तथा बीज की शुद्घता व उनका जमाव परीक्षण करके ही भेजे जाने की मांग उठाई गई है। किसानों को लगातार 22 घंटे बिजली उपलब्ध कराने, टूटे तार बदलवाने, जर्जर विद्युत पाल बदलवाने तथा सबसे अहम् स्टोर में किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने की मांग की गई। सरकारी टयूबवैल जो खराब पड़े हैं, अबिलंब चालू कराने की भी मांग उठाई गई। इस दौरान राजवीर सिंह, ब्रजेश राजपूत, डॉ. केदारनाथ सिमिरिया, डॉ. पीडी, श्यामसुंदर कुंवरपुरा, चित्तरसिंह, शारदा मास्टर सहित तमाम किसान मौजूद रहे।

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