12orai07सिरसाकलार-उरई। सर्जिकल डिलवरी के बाद कानपुर से घर वापस आ रही जच्चा की हालत बिगड़ गई जिससे उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। जबकि नवजात शिशु अभी जीवित है। उधर मायके वालों ने आरोप लगाया है कि उनकी लड़की की जानबूझकर दहेज के लिए हत्या की गई है। मायके वालों ने इसे लेकर ससुरालियों के खिलाफ तहरीर भी दे दी है।
थाना क्षेत्र के जरारा गांव के बृजेश बाल्मीकि की गर्भवती पत्नी को दर्द होने पर 10 अक्टूबर के पहले कुठौंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था लेकिन जटिल डिलवरी की वजह से उसे रेफर कर दिया गया। कानपुर में उसे सर्जिकल डिलवरी हुई। इसके बाद जब उसे वापस लाया जा रहा था तो हालत बिगड़ जाने की वजह से उसकी मौत हो गई।
मृतका का मायका थाना कैलिया के गांव सुनाया में है। उसका विवाह सन् 2009 में हुआ था लेकिन नवजात बच्चा उसकी पहली संतान है। मृतका के पिता गजराज का कहना है कि उसकी बेटी की मौत हालत बिगड़ने की वजह से नही हुई बल्कि ससुराल वालों ने उसकी सुनियोजित हत्या की है। वे लोग उसे दहेज के लिए लंबे समय से उत्पीड़ित कर रहे थे। गजराज ने पुलिस में तहरीर भी दे दी है। थानाध्यक्ष सत्यदेव सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जो सही होगा वैसी कार्रवाई की जायेगी।

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