उरई। अपहरण उद्योग के लिए कुख्यात रहे रामपुरा क्षेत्र में शनिवार को हाथ-पैर बंधे एक अपहृत के बाजरे के खेत में बरामद होने से पुलिस में खलबली मच गई। सीओ माधौगढ़ के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस ने इसे लेकर पचनदा के बीहड़ों में दिन भर काॅबिंग कर बदमाशों को खदेड़ने के लिए हांका लगाया।
गौरतलब है कि पिछले दिनों झांसी में पेशी पर लाये गये आधा दर्जन बंदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गये थे। इनमें सुल्तानपुरा का कुख्यात मुनेश भी शामिल था। सुल्तानपुरा, बिल्हौड़ आदि गांव दशकों से डकैतों के ट्रेनिंग सेंटर रहे हैं। यहां से तैयार हुए पहलवान उर्फ सलीम जैसे दुर्दांत डकैतों ने जनजीवन का जीना दूभर कर दिया था। कुछ वर्ष पहले सारे प्रमुख डकैत गिरोहों का सफाया हो जाने से यहां फिलहाल सामान्य स्थिति कायम हो चुकी है लेकिन डकैतों के रक्तबीज कहीं दोबार न पनपने लगें इस मकसद से पुलिस को सतर्कता बनाये रखने का स्टैडिंग आॅर्डर है। इसके मददेनजर मुनेश के जेल से फरार हो जाने की खबर आते ही रामपुरा पुलिस से चैकन्ना होने की उम्मीद की गई थी जिसमें कहीं न कहीं उससे चूक हो गई। यही वजह है कि मुनेश गांव से सामान सहित अपना परिवार लेकर कहीं और शिफ्ट कर आया और पुलिस को भनक नही लग पाई।
अनुमान है कि मुनेश ने ही इलाके के अन्य बदमाशों को जोड़कर गिरोह बना लिया है। जिसके सदस्यों की संख्या 10 है। बताने वाले तो यह तक बताते हैं कि गिरोह में दो महिलाएं भी हैं। इस गिरोह ने अपहरण उद्योग को फिर संचालित करने के लिए उद्योतपुरा के नरेश दोहरे का शनिवार को ही अपहरण किया था। जिसकी चर्चा नही हो पाई थी। इसी बीच बदमाशों ने उसे बाजरा के एक खेत में छुपाने की कोशिश की। संयोग से इसी दौरान आसपास पुलिस का मूवमेंट हुआ। चोर की दाड़ी में तिनका की मानसिकता के शिकार बदमाशों को पुलिस मूवमेंट देखकर यह अंदेशा सता गया कि उन्हीं के पीछे पुलिस आ पहुंची है जिससे वे पकड़ छोड़कर भाग निकले। अपहृत की गुहार पर पुलिस को उसके खेत में होने का पता चला और उसे छुड़ाया गया।
वायरलैस पर इसका मैसेज प्रसारित होते ही अधिकारियों के कान खड़े हो गये। सीओ माधौगढ़ नवीन कुमार के नेतृत्व में एसओ रामपुरा प्रभुनाथ, एसओ माधौगढ़ मनोज यादव, एसओ गोहन हेमंत कुमार और एसओ रेढ़र की टीम ने दो सैक्शन पीएसी साथ लेकर बीहड़ों में कवायद की। उनकी सरगर्मी के दौरान बदमाश ओझल तो रहे लेकिन इस कवायद ने उनके मन में खौफ जरूर पैदा कर दिया होगा। जिससे उम्मीद है कि भले ही कुछ दिनों के लिए हो लेकिन बदमाश अब रामपुरा क्षेत्र से दूरी बनाने में ही खैरियत समझेंगे।







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