उरई। संवैधानिक व्यवस्था को प्रभावी और कल्याणकारी बनाने के लिए वैचारिक और सामाजिक पर्यावरण तैयार करने में जुटी अधिवक्ता परिषद वकीलों के अलग तरह के संगठन की पहचान सारे देश में कायम कर चुकी है। इस गौरवशाली संस्था के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पूर्व डीजीसी और कानूनी मामलों के विद्वान रमाकांत द्विवेदी को जिम्मेदारी मिलने से जिले के अधिवक्ता समुदाय में हर्ष और उत्साह की लहर दौड़ गई है। जिला बार संघ ने बार भवन के सभागार में उनके अभिनंदन के लिए भव्य समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर विधि विशेषज्ञों ने रमाकांत द्विवेदी के विधिक क्षेत्र में मौलिक चितंन को देखते हुए उम्मीद जाहिर की कि अधिवक्ता परिषद की प्रदेश इकाई की जिम्मेदारी मिलने से वे संवैधानिक उपक्रम को नई दिशा और गति प्रदान कर सकेंगे जिससे समाज और शासन का तानाबाना मजबूत होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला बार संघ के अध्यक्ष महेश द्विवेदी ने की। इस अवसर पर शिवराम दीक्षित, गोविंद सिंह गुर्जर, अरविंद चच्चू, अवधेश सिंह चैहान आदि तमाम अधिवक्ताओं ने संविधान और कानून की विसंगतियों पर भी प्रकाश डाला। अभिनंदन के प्रत्युत्तर में रमाकांत द्विवेदी ने जहां जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों और स्थानीय अधिवक्ता समुदाय का आभार जताया वहीं उनसे अपने दायित्व को सार्थक करने में वैचारिक व सक्रिय सहयोग देने की अपेक्षा भी की।
रमाकांत द्विवेदी ने कहा कि विधिक व्यवस्था को निरंतर गतिशील होना चाहिए तांकि बदलते हुए समाज को स्थिर व व्यवस्थित बनाया रखा जा सके। इसके लिए जरूरी है कि समय-समय पर समाज की मांग के अनुरूप विधिक संहिताओं को अद्यतन किया जाये। अधिवक्ता परिषद इस मामले में वैचारिक कसरत की निरंतरता का क्रम बनाकर महती भूमिका अदा करेगी।
अधिवक्ताओं के अलावा कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला कार्यवाह भुवनेश जी और विभाग कार्यवाह ओमनारायण जी भी उपस्थित रहे।







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