

उरई। गांधी महाविद्यालय के पूर्व हिंदू विभागाध्यक्ष एवं साहित्यकार डाॅ. दिनेश चंद्र द्विवेदी की स्मृति में तीसरे वर्ष की बौद्धिक ज्ञान प्रतियोगिता तीन केंद्रों पर संपन्न हुई। तीनों केंद्रों पर 700 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिखा। इस दौरान रामपुरा क्षेत्र में लड़कों से ज्यादा लड़कियों ने हिस्सेदारी की।
बौद्धिक ज्ञान प्रतियोगिता का यह तीसरा वर्ष था। इस वर्ष यह प्रतियोगिता बीएमटी इण्टर काॅलेज आटा, एफएलजेएल शिक्षा निकेतन रामपुरा और रसकेंद्री देवी महाविद्यालय ऊमरी में हुई। तीनों जगह कुल 700 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लेकर अपनी मेधा का परीक्षण किया। आटा में प्रधानाचार्य नवाब सिंह यादव और प्रेक्षक संजीव गुर्जर, राजकुमार सिंह जादौन के नेतृत्व में परीक्षा हुई। यहां के छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह देखने को मिला। रसकेंद्री देवी महाविद्यालय ऊमरी में प्रेक्षक के रूप में केएम शुक्ला, मोहित त्रिपाठी ने दायित्व संभाला। एफएलजेएल शिक्षा निकेतन रामपुरा में पृथ्वीराज सिंह, रामकुमार परिहार, अमित पुरवार, एसएन मिश्रा, बलवान सिंह, सीतेश ने सजगता के साथ परीक्षा का दायित्व निभाया। परीक्षा अध्यक्ष डाॅ. अंकुर शुक्ला, प्रभारी डाॅ. कुमारेंद्र सेंगर, प्रभारी अभय भदौरिया और मुख्य प्रेक्षक मनीष द्विवेदी ने तीनों केंद्रों पर जाकर परीक्षा संचालन का हालचाल लिया। सभी केंद्रों पर परीक्षार्थी सुबह से ही पहुंचने लगे थे। उनमें अपनी प्रतिभा दिखाने को उत्सुकता थी। परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूंछे गये थे। 25 प्रश्न जिले से संबंधित रहे। डाॅ. अंकुर ने बताया कि आंसरशीट संबंधित वेबसाइटों पर 17 अक्टूबर को अपलोड कर दी जायेगी। परीक्षार्थी अपने उत्तरों का मिलान इससे कर सकते हैं। परीक्षा का मूल्यांकन 23 अक्टूबर को होगा। परिणाम 28 अक्टूबर को घोषित किया जायेगा। इसमें कुल 28 प्रतिभागियों को पुरस्कार दिये जायेंगे। पहले तीन स्थान पर आने वाले प्रतियोगियों को नकद पुरस्कार मिलेगा।
प्रतियोगिता में शैलेंद्र पाठक, क्रमांक शुक्ला, करुणा सागर त्रिपाठी, सीतेश, अनीता, राधाकृष्ण आसिफ खां, यज्ञ नारायण का भी सहयोग रहा।







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