12orai01उरई। विवादों में घिरी स्पेशल टास्क टीम को पुलिस अधीक्षक डाॅ. राकेश सिंह ने शनिवार को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। हाल में सक्रियता दिखाने के लिए एसटीटी ने कई खुलासे अपने नाम दर्ज कराये थे। लेकिन फिर भी पुलिस अधीक्षक की निगाहों में उसकी छवि सुधर नही पाई। उनके द्वारा अचानक जारी किये गये फरमान के चलते कारीगर किस्म के पुलिस इंस्पेक्टरों और दरोगाओं को जोरदार झटका लगा।
एसटीटी का गठन पूर्व पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची के कार्यकाल में किया गया था। यह टीम कोलांची की नाक का बाल मानी जाती थी। हालांकि कोलांची शरीफ अधिकारी थे लेकिन एसटीटी के कर्णधारों की असलियत को वे समझ नही सके। उनके नजदीकी के रुतबे में एसटीटी ने अपनी हैसियत का दुरुपयोग किया जिसकी वजह से उसके प्रति शिकायतों का अंबार बढ़ता गया।
वर्तमान पुलिस अधीक्षक डाॅ. राकेश सिंह ने अपनी बेबाक समीक्षा प्रणाली के कारण आते ही जिले में विभाग की काली भेड़ों को पहचान लिया था। जिसमें एसटीटी की कारगुजारियां भी उनकी आंखों से ओझल नही रह गई थीं। एसपी के असंतोष को भांपकर एसटीटी ने ताबड़तोड़ कई गुडवर्क कर डाले। लेकिन इनकी चमक के पीछे के अंधियारे एसपी की निगाह में आ ही गये।
एसपी डाॅ. राकेश सिंह ने जबावदेही की कसौटी को सटीक बनाकर विभाग में चुस्ती-दुरुस्ती लाने का अभियान छेड़ रखा है। इसमें वे कई महारथी समझे जाने वाले मातहतों पर गाज गिरा चुके हैं। एसटीटी भंग करने के उनके फैसले को इस क्रम की धमाकेदार कड़ी माना जा रहा है जिससे जिलें में महकमें के सारे लोग उनके रडार की पैनी आंखों से सहम कर खबरदार होकर कार्य करने की मानसिकता बनाने को मजबूर हो गये हैं।

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