उरई। स्टेट बैंक पर दोपहर बाद भीड़ उग्र हो गई जिससे लोगों ने गार्ड की झूमाझटकी कर दी। बाद में बैंक से फोन पहुंचने पर महिला दरोगा सहित कई दरोगा और सिपाही जीप से धड़-धड़ाते हुए स्टेट बैंक पहुंचे और लाठियां भाजनी शुरू कर दीं जिससे भगदड़ मच गई। हालांकि बाद में स्थिति शांत हो गई।
नोट बंदी के बाद हर दिन स्थिति खराब होती जा रही है। सरकार ने एक-दो दिन परेशानी की बात कही थी। अब प्रधानमंत्री 50 दिन के सब्र की बात करने लगे हैं। परेशानी के अनंतकाल तक विस्तार की स्थितियां देख लोगों का सब्र टूट पड़ा है। जहां एक ओर टीवी चैनलों पर परेशानी के बावजूद लोग सरकार के कदम की तारीफ करते दिखाये जा रहे हैं वहीं बैंकों पर जमा भीड़ में शामिल महिलाएं तक पीएम मोदी को सीधे गालियों से नवाज रही हैं जिससे लोगों के गुस्से का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बदइंतजामी की इंतहा यह है कि दूसरे दिन स्टेट बैंक का एटीएम पूरे दिन बंद रहा। दूसरी ओर निजी बैंकों के एटीएम चमत्कारिक रूप से बराबर काम कर रहे हैं। जिससे उन्हें चांदी काटने का भरपूर मौका मिला। स्टेट बैंक में ग्राहक अपने साथ कलेऊ का इंतजाम करके आये थे क्योंकि उन्हें अंदाजा था कि घंटों अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे कई लोग दोपहर होते-होते बैंक के अंदर ही कलेऊ की पोटली खोलकर अमरूद के सलाद के साथ खाने लगे।
उधर बैंक आॅफ बड़ोदा में आज कैश न होने की असमर्थता जताकर रुपये बदलने से इंकार किया जाता रहा जिसके कारण केवल रुपये जमा करने का काम किया गया। बस स्टेण्ड स्थित यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक की शाखा में भी दो दिनों से कैश का संकट छाया है। लोगों के केवल पुराने नोट जमा किये जा रहे हैं अदायगी संभव नही हो पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो स्थिति और भी ज्यादा खराब है। जगम्मनपुर में इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा से पैसे न निकलने की वजह से पचनद मेले का रंग भी फीका हो गया है। दुकानदार से लेकर मेला घूमने आने वाले लोग तक बुझे-बुझे हैं। जबकि इस बार मेले के लिए जोरदार तैयारियां की गई थीं।






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