उरई। होमगार्ड के जिला कमाडेंट विनोद कुमार शाक्य ने बुधवार को सफाई देते हुए कहा कि रोडवेज के संविदा चालक का मेहनताना ले रहे होमगार्ड उदय प्रकाश से उसे दिये गये पारिश्रमिक की रिकवरी करा ली गई है। लेकिन इस फ्राॅड पर उदय प्रकाश के खिलाफ गबन और चार सौ बीसी का मुकदमा क्यों दर्ज नही कराया गया। इस सवाल पर वे अचकचा गये। बाद में उन्होंने इसका ठीकरा अपने पूर्व कमाडेंट पर फोड़ दिया।
कलेक्ट्रेट में चल रहे होमगार्डों के आंदोलन को उन्होंने गैर कानूनी करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही कह चुकी है कि होमगार्डों को आंदोलनात्मक गतिविधियों में शामिल होने का कोई अधिकार नही है। सरकार ने अनुशासनिक कार्रवाई के लिए धरना दे रहे होमगार्डों के नाम मांगे हैं यह सूची भेजी जा रही है।
डयूटी देने में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने कहा कि उनके स्तर से कोई गड़बड़ी अब संभव नही रह गई है। वे केवल संख्या भेजते हैं। डयूटी रोस्टर का साॅफ्टवेयर बन चुका है जिसके मुताबिक नामों का चयन होता है। उन्होंने कहा कि कुछ होमगार्ड निहित स्वार्थ के लिए दबाव बना रहे हैं। जिसे स्वीकारना नियमों की बंदिश की वजह से संभव नही है।







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