उरई। पुखरायां और मलासा के बीच इंदौर-पटना एक्सपे्रस में हुए हादसे की खबर मिलने के बाद स्थानीय मेडिकल काॅलेज और मुस्कान हास्पिटल की टीम भी तत्काल मौके पर राहत और बचाव कार्य के लिए रवाना हो गई।
पुखरायां के पास दर्दनाक ट्रेन हादसे में सैकड़ों यात्रियों के हताहत होने की खबर ने लोगों को बुरी तरह विचलित कर दिया। जिले में तैनात डाॅक्टर भी संवेदना से अछूते नही रहे। मेडिकल काॅलेज हास्पिटल के मेडिकल आॅफीसर डाॅ. सुनीत सचान, डाॅ. विवेक निरंजन और डाॅ. शैलेष वर्मा, मुस्कान हास्पिटल के डाॅ. अंकुर शुक्ला, डाॅ. मनीष, डाॅ. मुन्नू सिंह और पैरा मेडिकल स्टाॅफ के सदस्य सुमित शुक्ला व सोनू पाल आनन-फानन में तैयार होकर दुर्घटना स्थल की ओर रवाना हो गये। इस टीम ने मौके पर पहुंचते ही दुर्घटना ग्रस्त बोगियों में पहुंचकर यात्रियों को संभालने और उन्हें तत्काल प्रारंभिक उपचार प्रदान करने का कार्य शुरू कर दिया।
डाॅ. अंकुर शुक्ला ने बताया कि जिस समय वे लोग दुर्घटना स्थल पर पहुंचे वहां का दृश्य बेहद हृदय विदारक था। यात्रियों की चीखें कलेजा फाड़ने वाली थीं। बोगियों से एक के बाद एक शव निकलते जा रहे थे। लहूलुहान लोगों की तो गिनती नही थी। उन्होंने कहा कि इतनी भयंकर स्थिति के बावजूद पुलिस का रोल मौके पर बहुत गैर जिम्मेदारान दिखा। पुलिस ने घटना स्थल पर भीड़ बढ़ाने के अलावा राहत और बचाव में कोई योगदान नही दिया। दूसरी ओर आर्मी और पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों का हताहत यात्रियों को संभालने का जज्बा देखने लायक था। एक जवान का बोगी में फंसे यात्रियों को निकालते समय पत्ती लग जाने से हाथ कट गया और जोरों से खून बहने लगा। फिर भी वह जवान विचलित नही हुआ। उसने घायल यात्रियों को निकालकर डाॅक्टरों की टीम के हवाले करने के बाद ही अपनी चोट को देखा। उन्होंने कहा कि झांसी-कानपुर सेक्शन पर शायद यह इतिहास की सबसे बड़ी रेल दुर्घटना है।







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