0 मायके पक्ष ने दहेज हत्या में लिखाई एफआईआर
कोंच-उरई। दो दिन पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से झुलसी महिला की गुजरे कल इलाज के दौरान झांसी में मौत हो गई। मृतका के मायके पक्ष ने इसे दहेज हत्या बताते हुये कोतवाली में पति समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उदयभान पुत्र घनाराम निवासी बेला तहसील टहरौली थाना टोढी फतेहपुर जिला झांसी ने कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराते हुये कहा है कि उसने अपनी बेटी रागिनी का विवाह 11 मई 2011 को कोंच के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी सुरेन्द्र सिंह उर्फ मनोज कुमार पुत्र स्व. अर्जुन सिंह के साथ किया था और भरपूर दान दहेज भी दिया था लेकिन विवाह के छह माह बाद ही रागिनी के पति सुरेन्द्र, सास मुन्नीदेवी व चचिया ससुर ग्यासीलाल पटेल पुत्र लीलाधर रागिनी को मायके से और दहेज लाने के लिये प्रताड़ित करने लगे। यह बात जब रागिनी ने उसे बताई तो उसने बिरादरी में पंचायत भी कराई जिसमें उन लोगों ने भरोसा दिया था कि आगे से रागिनी को प्रताड़ित नहीं किया जायेगा लेकिन वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आये तथा एक लाख रुपया नकद व मोटरसाइकिल की मांग को लेकर लगातार रागिनी का उत्पीडन करते रहे। गुजरी 1 मार्च 2017 की रात लगभग नौ बजे तीनों लोगों ने रागिनी के ऊपर मिट्टी का तेल डाल कर आग लगा दी जिसमें वह बुरी तरह झुलस गई थी। सूचना पर वह कोंच पहुंचा और अधजली हालत में उसे सरकारी अस्पताल कोंच ले गये। बाद में गंभीर हालत होने के कारण रागिनी को झांसी रेफर कर दिया गया जहां उसने दम तोड़ दिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भादंवि की धारा 498, 304 बी तथा दहेज उत्पीडन निवारण अधिनियम में मामला पंजीकृत कर लिया है, विवेचना सीओ कोंच नवीन कुमार नायक कर रहे हैं।
कॉल पर नहीं आई 108 ऐंबुलेंस
सरकार द्वारा दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिये जो 108 ऐंबुलेंस सेवा शुरू की थी वह अपनी सेवा देने में कितनी लापरवाह निकली इसकी बानगी बीती 1 मार्च को देखने को उस वक्त मिली जब आग से झुलसी रागिनी को सीएचसी पहुंचाने के लिये 108 पर कॉल की गई लेकिन उक्त सेवा जब डेढ घंटे तक भी नहीं आई तो झुलसी महिला को प्राइवेट वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा।

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