0 वकीलों ने बार महामंत्री को पत्र देकर आम सभा की बैठक बुलाने की उठाई मांग
कोंच-उरई। बारसंघ कोंच में कमेटी के अध्यक्ष द्वारा नियुक्त किये गये चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर विवाद बढता ही जा रहा है। विवाद पर पानी डालने के लिये जिन दो नये चुनाव अधिकारियों के नामों का प्रस्ताव ऐल्डर्स कमेटी को भेजा गया था उसका फिलहाल अनुमोदन नहीं हुआ है जिसके चलते मामला गहराता जा रहा है। इधर, शुक्रवार को लगभग आधा सैकड़ा वकीलों ने बारसंघ महामंत्री को पत्र देकर कहा है कि तुरंत आम सभा की बैठक बुला कर भूल सुधार किया जाये और जूनियर अधिवक्ताओं को भी चुनाव अधिकारी बनने का मौका दिया जाये।
गौरतलब है कि कार्यकाल खत्म होने के बाबजूद मौजूदा बार कमेटी ने गुपचुप तरीके से पांच चुनाव अधिकारी नामित कर दिये थे जिसे लेकर बार में भूचाल सा आ गया। अधिकांश वकीलों ने अपनाई गई इस नियुक्ति प्रक्रिया का विरोध किया है। यह विरोध जब खुल कर सड़कों पर आया तो कमेटी के तमाम पदाधिकारियों ने भी यह कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि कब और कैसे चुनाव अधिकारी नामित कर दिये गये। हालांकि चुनाव कराने का अधिकार ऐल्डर्स कमेटी के पास है और सहयोग के लिये वह अन्य अधिवक्ताओं को नामित कर सकती है लेकिन यहां तो माजरा ही दूसरा है, बारसंघ के लेटर हैड पर चुनाव अधिकारियों की जो लिस्ट ऐल्डर्स कमेटी को भेजी गई उस पर तीन सदस्यों का अनुमोदन है लिहाजा इन चुनाव अधिकारियों को वैध माना जा सकता है लेकिन विवाद पर पानी डालने के लिये जिन दो नये चुनाव अधिकारियों के नाम जोडने का प्रस्ताव बार संघ अध्यक्ष द्वारा ऐल्डर्स कमेटी को अनुमोदन के लिये भेजा गया था उसे हरी झंडी नहीं मिल सकी है जिसके चलते बार के तमाम वकील विरोध में खड़े हो गये हैं। इधर, शुक्रवार को बार के अधिवक्ताओं उमेश व्यास, सुनील कुमार, शशांक मोहन श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, राहुल अवस्थी, संजीव श्रीवास्तव, अरुणकुमार मिश्रा, नृसिंह गहरवार, विनय कुमार, रामविहारी दुवे, वीके निरंजन सहित आधा सैकड़ा लोगों ने बार के महामंत्री अरुणकुमार वाजपेयी को पत्र लिख कर कहा है कि अपनाई गई प्रक्रिया दोषपूर्ण है और इसमें जूनियर अधिवक्ताओं की नियुक्ति को शामिल नहीं किया गया है लिहाजा आमसभा की बैठक बुला कर इस मामले को भी गंभीरता से देखा जाये।
नहीं हुई ऐल्डर्स कमेटी की बैठक
यह बात भी हैरान करने बाली है कि बार एसोसियेशन के आसन्न चुनाव में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव देखने को मिल रहा है। यह बात ऐल्डर्स कमेटी के वरिष्ठ सदस्य संतलाल अग्रवाल से की गई आधिकारिक वार्ता में निकल कर सामने आई है। अग्रवाल का कहना है कि चुनाव अधिकारी नामित कैसे हुये हैं इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा है कि चुनाव के संबंध में ऐल्डर्स कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि ऐल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष महंत ब्रजभूषण दास ने उन्हें पत्र भेजा था जिसमें उन्होंने अस्वस्थता का हवाला देते हुये चुनाव प्रक्रिया देखने का अनुरोध किया था लेकिन उन्होंने उस पत्र पर संज्ञान नहीं लिया है, यह जिम्मेदारी पूरी ऐल्डर्स कमेटी की सामूहिक है न कि उनकी अकेली।







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