*

कोंच-उरई । गुजरी 2/3 अप्रैल की रात बबूल के पेड़ पर झूलती मिली मंगलसिंह की लाश का पोस्टमॉर्टम भी हो गया और मौत की वजह भी दम घुटना और फांसी पर लटकना साफ हो गया है, लेकिन जिस घर में वह पनाह लिये था वहां मिले खून के निशान अभी भी रहस्य बने हुये हैं। जिस लड़की को वह अपने गांव से भगा कर लाया था वह उसी गांव में सही सलामत पहुंच गई है जो राहत की बात है। मंगलसिंह की प्रेम कहानी ईंट भट्ठे से शुरू हुई थी लेकिन अंजाम मौत के रूप में सामने आया है।
गौरतलब है कि गुजरे कल कोतवाली क्षेत्र के ग्राम परैथा में पीएचसी के बाहर लगे बबूल के पेड़ पर जिला औरैया के ग्राम मुगरिया थाना साहिल निवासी चौबीस बर्षीय युवक मंगलसिंह बाल्मीकि की लाश मिली थी। पीएचसी में मृतक का मामा सूरज अपने परिवार के साथ रहता है और मृतक मंगल अपने गांव से ही एक लड़की मीना (काल्पनिक नाम) को भगा कर लाया था और 2/3 अप्रैल की रात मंगल के गांव से उसके तथा लड़की के पिता सहित कुछ लोग चार पहिया वाहन से आये थे तथा लड़की को अपने साथ ले गये थे और सुबह मंगल की लाश पेड़ से झूलती मिली। पुलिस को घटना स्थल के समीप स्थित पीएचसी में तलाशी के दौरान जहां लड़की के फोटा, कुछ जेबर जो वह अपनी बड़ी बहन के लेकर आई थी, बरामद हुये थे। इसके अलावा वहां संघर्ष के भी काफी निशान मिले। मसलन टूटी चारपाई और तितर बितर सामान के साथ दो बाइकें भी मिली थी, लेकिन एक बात जो सबसे ज्यादा हैरान करने बाली थी वह थी घटना स्थल पर मिले खून के दाग जिससे अंदेशा व्यक्त किया जा रहा था कि कहीं मामला ऑनर किलिंग का न बन गया हो। हालांकि औरैया जनपद की पुलिस ने तस्दीक कर दी है कि मीना सकुशल अपने घर पहुंच गई है, यह राहतबख्श बात है। सीओ सिटी औरैया ने बताया है कि 1 अप्रैल की रात्रि दोनों अपनी बाइक से भागे थे। मिली जानकारी के मुताबिक मंगल और मीना का प्रेम तकरीबन चार माह पूर्व परवान चढा था। दोनों ईंट भट्ठे पर चोरी छिपे मिलते थे। जब दोनों की प्रेम कहानी लोगों को पता चल गई तो वे खेतों में मिलने लगे और अंतत: उन्होंने भागने की योजना बना डाली लेकिन प्रेम का यह सफर मंगल की मौत पर आकर खत्म हो गया।

Leave a comment