सेवा निवृत आईपीएस अधिकारी राजू बाबू सिंह को सोमवार को सुहाग महल गेस्ट हाउस में आयोजित भव्य समारोह में जालौन जिले में अपने सेवा काल के दौरान पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर सांमजस की अनुकरणीय मिसाल स्थापित करने के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने पुलिस अफसर के रुप में उनकी दिलेरी और उत्कृष्ट प्रोफेशनल वर्किंग के लिए उन्हें जमकर सराहा।
वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा ने याद दिलाया कि जब वे उरई आये थे। श्री राजू बाबू सिंह सीओ सिटी के रुप में यहां पदस्थ थे। उस समय पुलिस और संभ्रात नागरिकों के बीच गम्भीर विवाद हो गया था। यह राजू बाबू सिंह की सूझ-बूझ थी कि उस विवाद का अंत में सुखद पटाक्षेप हुआ। सुप्रसिद्ध साहित्यकार नासिर अली नदीम शिक्षाविद संजय दुबे सनातन, राजेश मिश्रा, बसपा नेता कमल दोहरे सभासद लक्ष्मणदास वाबानी और शिक्षाविद , कृपाशंकर द्विवेदी बच्चू महाराज ने भी उनसे जुड़े कई संस्मरण सुनाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल ने की। जबकि संचालन युद्धवीर सिंह कनथरिया ने किया। राईजिंग पॉलिटिक्स लखनऊ के प्रधान सम्पादक पंकज सचान, सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा, पूर्व विधायक दयाशंकर वर्मा आदि ने भी सम्बोधित किया। सभी माननीयों ने कहा कि राजू बाबू सिंह का अनुकरण अन्य अफसरों को भी करना चाहिए। यह उनकी कार्य कुशलता का ही परिणाम है कि इतने दिनों बाद भी उनके कार्यकाल की छाप लोगों के दिलों में बसी हुई है और लोग सेवानिवृति के बाद भी यहां उनका सम्मान समारोह आयोजित करने की जरुरत महसूस कर रहे हैं।
इस दौरान कार्यक्रम आयोजक समाजसेवी दद्दू सोनकिया जालौन और उनके परिवारजनों ने राजूबाबू सिंह का जोरदार अभिनंदन और सम्मान किया। राजूबाबू सिंह ने सम्मान के प्रतिउत्तर में जिले के लोगों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता जताई और कहा कि वे इसे अपना सौभाग्य मानते हैं कि ऐसे जिले में उनको अपनी नौकरी के शुरुआती दिनों में सेवा करने का अवसर मिला था।

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