0 गल्ला व्यापारी समिति व भाकियू ने अलग अलग डीएम के समक्ष रखी समस्या
कोंच-उरई। ई-भुगतान न केवल व्यापारियों बल्कि किसानों के गले में भी फांस की तरह अटक गया है और दोनों ही इस समस्या से निजात चाहते हैं। कृषि उत्पादन मंडी समिति के फरमान के खिलाफ किसान और आढतिया दोनों लामबंद हो गये हैं और दोनों ही पक्षों ने आज तहसील दिवस में पहुंच कर अलग अलग ज्ञापन जिलाधिकारी को देकर इस समस्या से मुक्ति दिलाने की बात कही।
मंडी प्रशासन ने गल्ला व्यापारियों को फरमान सुनाया है कि किसानों को उनकी जिन्स की बिक्री के एंवज में ई-भुगतान किया जाये। इस फरमान को लेकर जहां व्यापारी दिक्कत महसूस कर रहे हैं उससे ज्यादा दिक्कत तलब किसानों के लिये बन गया है यह फरमान। गल्ला व्यापारी समिति ने शुक्रवार को इस संबंध में मंडी सचिव को ज्ञापन देकेर ई-भुगतान में आने बाली व्यवहारिक समस्याओं की ओर ध्यान खींचते हुये अपेक्षा जताई थी उन्हें किसानों का भुगतान नकद और चेक से करने की चली आ रही सुविधा को ही चलाने दिया जाये, लेकिन उनकी गुहार रद्दी की टोकरी में जाने के बाद अब उन्हेेेें डीएम से समस्या के समाधान की अपेक्षा है। गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय गोयल, उपाध्यक्ष राममोहन रिछारिया ने मंगलवार को तहसील दिवस में डीएम नरेन्द्र शंकर पांडे से मुलाकात कर उन्हें ई-भुगतान में आ रही दिक्क्तों के बारे में विस्तार से बताया और ज्ञापन उन्हें सौंपते हुये कहा है कि अभी तक चले आ रहे सिस्टम के मुताबिक किसानों को उनकी उपज की बिक्री का भुगतान चेक या नकद किया जा रहा है और किसान इस व्यवस्था से संतुष्ट भी हैं। इस इलाके का अधिकांश किसान अपनी उपज बेचने के ऐवज में नकद भुगतान लेना पसंद करता रहा है, इसके अलावा वह चेक से भी भुगतान लेने लगा है और पूरा सिस्टम ठीक ठाक चल रहा है। अब मंडी प्रशासन ने ई-भुगतान के निर्देश व्यापारियों को दिये हैं जिसका जबर्दस्त विरोध किसानों की ओर से किया जा रहा है और वे ई-भुगतान लेने को राजी नहीं हैं। इधर, भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष चतुरसिंह पटेल, रामलखन इटा, डॉ. केदारनाथ सिमिरिया, श्यामसुंदर, डॉ. पीडी निरंजन, रामप्रताप घमूरी, कौशल कुशवाहा, विपिन, जगमोहन बुधौलिया आदि ने भी डीएम से मुलाकात कर इस ई-भुगतान को किसानों के लिये सिरदर्द बताते हुये इस फरमान को बापिस लिये जाने की मांग की है।

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