उरई । समाजवादी पार्टी का लोकसभा क्षेत्र से सफाया करने की कुब्बत किसी भी राजनैतिक दल के नेता में नहीं है क्योंकि सपा का जन्म ही संघर्ष से हुआ है। यदि कोई नेता इस तरह का दावा करता भी है तो वह पूरी तरह से हास्यापद ही कहा जा सकता है। उक्त बात शुक्रवार को सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह दादी ने अपने आवासीय कैम्प कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुये कही।

सपा जिलाध्यक्ष का कहना था कि हमारी पार्टी के एक विवादास्पद नेता दूसरे राजनैतिक दल में शामिल हुये हैं। उनके इस कदम से सपा पूरी तरह से एकजुट है। क्योंकि उनके पार्टी में रहते ही गुटबाजी को उनके द्वारा ही हवा दी जाती रही थी। यही कारण है कि जब इस बात की जानकारी पार्टी हाईकमान को पता चली तो उन्हें एक वर्ष पहले ही पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। उन्होंने कहा कि सपा पूरी तरह से एकजुट है और पूरी दमखम के साथ निकाय चुनाव की तैयारी में जुटी हुयी हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी प्रदेश स्तर से सपा को खत्म करने के लिये अनेकों बार प्रयास किये गये लेकिन वह आज तक सफल नहीं हो पाये हैं। किसी विवादास्पद नेता के द्वारा पार्टी छोड़कर जाने का निर्णय निश्चित रूप से पार्टी के लाभकारी होगा है। इस बात से हमारी पार्टी के कार्यकर्ता भी पूरी तरह से वाकिफ हैं। क्योंकि जब प्रदेश में सपा की सरकार थी उस दौरान जिस तरह से एक नेता जी पूरी जिला इकाई अपने तरीके से चलाते थे। इसी बात से पार्टी के मिशन से जुड़े कार्यकर्ताओं में विरोध के स्वर भी मुखरित हुये थे। इसके बाद भी ऐसे कार्यकर्ता चट्टान की तरह पार्टी के साथ जुड़े रहे और आज भी पूरी ताकत से पार्टी के हित में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी न तो किसी कार्यकर्ता को हतोत्साहित करती है और न ही किसी नेता का मनोबल कम होने देती है। यही कारण है कि आज जनपद ही नहीं बल्कि समूचे प्रदेश में सपा एक मजबूत राजनैतिक ताकत बनी हुयी है। वार्ता के दौरान मु. तारिक, लाखन सिंह कुशवाहा, भीमसिंह यादव, मु. हामिद सहित अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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