लखनऊ । वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा डिसिल्वा,विमल रॉय, बलराज साहनी,कैफ़ी आज़मी, सज्जादजहीरकी क्रान्तिकारी विरासत की स्मृति प्लेटिनम वर्ष 2017 का तीन दिवसीय समारोह 25,26,27अक्टूबर को  रॉय उमानाथ वली प्रेक्षागृह कैसर बाग लखनऊ में आयोजित किया गया।

 

 

उदघाटन सत्र में इप्टा उरई ने इप्टा गीत बजा नगाड़ा शांति का प्रस्तुत किया । 26 अक्टूबर को ग्रामीणों और स्कूल के बच्चो के बीच  प्रभात तिवारी द्वारा लिखित नाटक “रोटी के टुकड़े” संजीव के निर्देशन में प्ले किया गया । । 27 अक्टूबर नाटक “कलाकार की व्यथा” एकल नाटक लेखक राजपप्पन अभिनय प्रदीप ने किया  ।

 

उरई इप्टा के रंगकर्मी दीपेन्द्र, संजीव,धर्मेन्द्र, अमजद,प्रदीप, अवधेश ,राजपप्पन द्वारा सामूहिक रूप से  जन गीत “कह दो मिजवां से जाय अंधेरा, वे नफरत के व्यापारी है साजिश के पापड़ बेलेगे ,जब तक रोटी के प्रश्नों पर रखा रहेगा भारी पत्थर ,बुंदेलों की सुनो कहानी बुंदेलों की बानी में” प्रस्तुतिकरण बेहद प्रभावशाली रहा जिससे समूचा माहौल झंकृत हो गया ।

 

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