उरई । भारतीय जनता पार्टी के असंतुष्ट नेता अनिल बहुगुणा के शक्ति प्रदर्शन में भारी भीड़ जुड़ी । सभी ने उनसे नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ने का आग्रह किया । उनकी सहमति के बाद मौके पर ही 6 लाख रुपये चन्दा करके उन्हे थमा दिये गए । लोगों ने कहा यह रकम पेशगी बतौर है । इसके बाद जितना भी खर्च होगा पूरा  हम लोग वहन करेंगे ।

अपना पूरा जीवन पार्टी की सेवा में  निस्वार्थ लगा देने वाले अनिल बहुगुणा ने पहली बार किसी चुनाव के लिए दावेदारी की थी । उनकी गिनती वैश्य समाज के कद्दावर और साफ़ सुथरे नेताओं में रही है जिसकी  वजह से जन आकांक्षाए भी उनसे जुड़ी गई थी । ऐसी हालत में जबकि उनकी जीत एकतरफा मानी जा रही थी , वे अंतिम समय में तब हतप्रभ रह गए जब उन्होने देखा कि उनका नाम जिले के पैनल में ही शामिल नहीं हो पाया था । अनिल बहुगुणा  ने बताया कि सब कुछ योजनाबद्ध था । जिले की  2 सामान्य नगर पंचायतों और जालौन नगर पालिका में वैश्य उम्मीदवार बना कर मुख्यालय में इस वर्ग का दावा ख़त्म करने की व्यवस्था कर दी गई थी । उन्होने बताया कि उरई के पैनल में न सिर्फ उनका बल्कि किसी वैश्य का नाम नहीं भेजा गया था ।

अनिल बहुगुणा के समर्थन में स्वयंवर गेस्ट हाउस में शनिवार को बुलायी गई बैठक में न केवल वैश्य बल्कि सर्व समाज के लोग पहुँचे । भीड़ देख कर उत्साहित अनिल बहुगुणा ने 6 नवम्बर को नामांकन दाखिल करने की घोषणा की है । अनिल बहुगुणा की उम्मीदवारी से न केवल भाजपा बल्कि सभी प्रमुख दलों के समीकरण गड़बड़ा जाने का अनुमान है ।

 

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