उरई । दो दिन पूर्व ग्राम अमखेड़ा स्थित रामजानकी मंदिर से चोरी हुई भगवान श्रीराम, सीताजी एवं लक्ष्मणजी की बहुमूल्य अष्टधातु से निर्मित मूर्तियों की चोरी के मामले में पुलिस के हाथ अभी तक खाली। उक्त मामले में पुलिस के हाथ नहीं लगा अभी तक कोई सुराग। तो वहीं, मूर्ति चोरी के मामले में तीन टीमें लगाई गई हैं। जो लगातार चोरों की तलाश में जुटी हैं।

कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अमखेड़ा में गांव के मध्य लगभग दो सौ वर्ष पुराना राम जानकी मंदिर है। अति प्राचीन उक्त मंदिर में प्रभु श्रीराम, सीताजी एवं लक्ष्मणजी की बहुमूल्य अष्टधातु से निर्मित सुंदर तीन मूर्तियां स्थापित थीं। शनिवार को शाम की आरती के बाद मंदिर के पुजारी मंदिर में ताला लगाकर अपने घर चले गए थे। तभी देर रात में चोरों ने उक्त मंदिर का ताला तोड़कर मंदिर में रखी बहुमूल्य प्रभु राम, सीताजी व लक्ष्मणजी की मूर्तियों को चुरा ले गए। सुबह जब मंदिर में पूजा के लिए जाने वाले लोगों को जब मूर्तियों अपने स्थान पर नहीं मिलीं तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। उक्त घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक अंधेरे में ही हाथ मार रही है। इन दो दिनों में पुलिस के हाथ अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। जिसके चलते ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में पहले भी दो बार बड़ी चोरियां हो चुकी हैं। पुलिस द्वारा उक्त मामलों का खुलासा न किए जाने से चोरों के हौसले इतने बुलंद हो गए कि वह मंदिर से इतनी बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दे सके। यदि पुलिस पहले से ही सतर्क होती तो चोरी की इतना बड़ी घटना न होती। तो वहीं, उक्त मूर्ति चोरी के मामले को लेकर कोतवाल विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस लगातार चोरों की तलाश कर रही है। इसके लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। जिसमें एक टीम का नेतृत्व स्वयं कोतवाल, दूसरी टीम का हल्का इंचार्ज केशव दयाल एवं तीसरी टीम सर्विलांस की लगी हुई है। जो लगातार सक्रियता से चोरों की तलाश कर रही है। कोतवाल ने बताया कि क्षेत्र में अन्य मंदिरों की चोरी हुई हैं उनका भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं कोई संगठित गिरोह तो इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम तो नहीं दे रहा है। चोरों को किसी भी तरह से बख्शा नहीं जाएगा। मूर्ति चोरों को पकड़कर शीघ्र ही मूर्ति चोरी का खुलासा किया जाएगा।

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