उरई। बैंक की लापरवाही से प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थी को मिले 1 लाख 10 हजार रुपये के अनुदान दूसरे ने अपने खाते में स्थानांतरित कर निकाल कर हड़प ली। पीड़ित ने कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र दिया है।
डकोर ब्लाक के ग्राम मिनौरा कालपी निवासी रामहरी के लिए गत वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत पक्के घर के निर्माण के लिए सहायता मंजूर की गई थी। रामहरी ने इस सहायता को प्राप्त करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के व्यवसायिक प्रतिनिधि अमित प्रजापति के माध्यम से खाता खुलवाया। उक्त अमित प्रजापति ने अमानत में खयानत कर गत वर्ष उसके खाते में आई क्रमशः 40 हजार और 70 हजार रुपये की सहायता का आहरण स्वयं स्टेट बैंक की सिटी शाखा से कर लिया।
पता चला है कि अमित प्रजापति कई खातेदारों के साथ यह हरकत करके स्टेट बैंक की साख का चूना लगा चुका है। इसके बावजूद उसके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नही हुई है। अब रामहरी के प्रार्थना पत्र में स्पष्ट सबूतों के साथ खुलासे के बावजूद प्रशासन अमित प्रजापति के खिलाफ कठोर कदम उठाता है या नही यह देखने वाली बात होगी।






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