उरई। रामपुरा के थानाध्यक्ष मिथलेश कटियार और चार वर्ष से जमे उपनिरीक्षक यशवीर सिंह पर अवैध खनन की गांज आखिर गिर ही गई। पुलिस अधीक्षक ने दोनों का तबादला कर दिया है। साथ ही इस आदेश से अवैध खनन में लिप्त सभी थाना प्रभारियों को सख्त संदेश देने की कोशिश की है।
राजनीतिक संरक्षण में मिथलेश कटियार द्वारा खुलकर रामपुरा क्षेत्र में कराये जा रहे अवैध खनन का भंडाफोड़ जालौन टाइम्स में शुरू से ही किया गया था। जिसकी खुन्नस में उन्होंने जालौन टाइम्स के प्रतिनिधि अंकित दीक्षित के नलकूप से हुई चोरी के मामले में लीपापोती कर डाली। यशवीर सिंह ने तो अंगद के पैर की तरह इस थाने में पैर जमा रखे थे और उनका दावा था कि वे रामपुरा थाने से ही सेवानिवृत्त होगें। अपने को ही पुलिस विभाग का सर्वेसर्वा मानने की उनकी गलत फहमी आखिर चकनाचूर हो गई। यशवीर सिंह ही वह मुख्य खिलाड़ी था जो हर आने वाले एसओ को अवैध खनन में लपका देता था।
पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मिथलेश कटियार को रामपुरा थाने से हटाकर पुलिस नियंत्रण कक्ष के प्रभारी का दायित्व सौंप दिया है। जबकि पुलिस नियंत्रण कक्ष में प्रभारी के बतौर तैनात लाखन सिंह को रामपुरा का नया थानाध्यक्ष बना दिया है। उधर यशवीर सिंह को रामपुरा से कोटरा स्थानांतरित कर दिया है जबकि कालपी कोतवाली में पदस्थ उपनिरीक्षक सलमान अली को रामपुरा भेजा है।






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