उरई। अवैध खनन के आधार पर कागजों में अधिकारियों पर गाज गिराकर वाहवाही लूटने में योगी सरकार चाहे जितनी माहिर हो लेकिन वास्तविकता के धरातल पर इस पर रोक में उसकी कोई दिलचस्पी नजर नही आती। कालपी क्षेत्र में फोरलेन से नजर आने वाला जेसीबी के जरिये हो रहा अवैध खनन सरकार के दावों का मुंह चिढ़ा रहा है।

अवैध खनन पर सरकार की इच्छा शक्ति के अभाव में कोई लगाम नही लग पा रही जिससे सरकार की स्थिति हास्यास्पद होती जा रही है। बालू माफिया कितने बेखौफ हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दूर-दराज और चोरी छिपे बालू खनन करने की बजाय वे फोरलेन के किनारे जेसीबी से नहर का सीना चीर रहे हैं और शासन-प्रशासन उनके अदब में आंखें मंूदे सोया हुआ है।

कालपी पुल के अंतिम छोर पर कानपुर देहात की सीमा में दिनदहाड़े इस खनन को यमुना पुल के ऊपर से साफ-साफ देखा जा सकता है। जालौन टाइम्स ने मोबाइल कैमरे में इसके शाट भी कैद किये लेकिन उम्मीद नही है कि इसके बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कोई एक्शन लिया जायेगा।

उधर पनवाड़ी से राठ तक दिन रात ओवरलोड बालू ट्रक चल रहे हैं। जिनके खिलाफ कार्रवाई की जेहमत न तो हमीरपुर का प्रशासन उठा रहा है और न ही महोबा का। मीडिया में खबरें आने के बाद भी उक्त सड़क पर ओवर लोडिंग में कोई फर्क नही पड़ा। जाहिर है कि अधिकारी अपने स्तर से ऐसी हिमाकत नही कर सकते। निश्चित रूप से अवैध खनन और ओवर लोडिंग में सत्ता सदन में बैठे लोग कहीं न कहीं बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। जिससे भाजपा का पांखड बेपर्दा हो रहा है।

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