
उरई। किसानों की समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन करते हुए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में धरना दिया और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा।

इस दौरान समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह दादी ने कहा कि उनकी पार्टी की जब सरकार थी तो उस समय किसानों को मुफ्त सिचाई, फसल बीमा, समय पर बिजली, उर्वरक एवं बीज आपूर्ति की व्यवस्था थी लेकिन भाजपा सरकार इनको बनाये रखने में असफल साबित हुई है। जिससे किसान दिन प्रतिदिन बर्बाद होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही आलू खरीदी का वायदा किया था जो खोखला साबित हुआ। जब आलू किसानों ने सरकार का ध्यानाकर्षित कराने के लिए प्रदेश की राजधानी की सड़कों पर आलू बिखेर दिये तो सरकार इतनी नाराज हो गई कि उनके खिलाफ आतंकियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उन पर गंभीर धाराओं के मुकदमें लिखा दिये गये हैं। समाजवादी पार्टी इसे बर्दास्त नही करेगी। अगर उनका दमन बंद न किया गया और मुकदमें वापस न लिए गये तो पार्टी सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष छेड़ देगी।
पूर्व विधायक दयाशंकर वर्मा ने भी मौजूदा सरकार को किसान विरोधी ठहराया। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ शत्रुओं जैसा व्यवहार किया जा रहा है। ठंड से मरने वाले किसानों के आश्रितों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। उनके परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों के आपसी संघर्ष में कालपी कोतवाली अंतर्गत लमसर में मारे गये अनुपम यादव के परिवार को भी 25 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की।
प्रदर्शन में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बजरिया, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद यादव, डा. महेश द्विवेदी, महेंद्र सिंह कठेरिया, जितेंद्र सिंह यादव फौजी, प्रदेश सचिव प्रदीप दीक्षित, राजीव शर्मा, मानवेंद्र निरंजन, लाखन सिंह कुशवाहा आदि मुख्य रूप शामिल थे। सपा के प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट में गहमा-गहमी का माहौल रहा।
उधर माधौगढ़ तहसील में भी सपाइयों ने प्रदर्शन के दौरान जबर्दस्त हंगामा किया। दीपराज गुर्जर के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के बाद उपजिलाधिकारी को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।






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