उरई। मृत्यु भोज की कुरीति के निवारण के लिए कुठौंद ब्लाक के गांव में एससी-एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी ने एक साहसिक पहल की। जिसका व्यापक स्वागत किया जा रहा है।
एसोसिएशन के नदीगांव ब्लाक संयोजक मलखान सिंह के पिता सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक खेमराज सिंह दोहरे का गत दिनों निधन हो गया था। सोमवार को उनकी आत्मशांति के लिए कुठौंद ब्लाक के लालपुरा गांव में आयोजन किया गया। जिसमें शोकसभा और परित्राण पाठ का आयोजन हुआ।
मलखान सिंह ने इसमें न केवल खुद कोई भोज आयोजित करने से परहेज रखा बल्कि उनकी देखादेखी सभी ग्रामवासियों की ओर से आगे से मृत्यु भोज आयोजित न करने का संकल्प लिया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि मृत्यु भोज की प्रथा गलत है। जिसकी वजह से अपने प्रियजन के शोक में डूबे परिवार के लिए और ज्यादा संकट और दुख बढ़ता है। ऐसी प्रथा को ढोने का कोई औचित्य नही है।
परित्राण पाठ टीआर मौर्या ने संपन्न कराया। इस अवसर पर चौ. सुंदर सिंह शास्त्री, प्रमोद कुमार गौतम, मिस्टर सिंह, वीरेंद्र बौद्ध, श्रद्धानंद सिंह, एमपी चौधरी, मलखान सिंह, राममिलन वर्मा सहित धम्म भूमि, डा. बीआर अंबेडकर युवा समाज सुधार समिति, वामसेफ और एससी-एसटी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।




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