
उरई। होली के फागोत्सव में ढोल न बजाना दलितों को महंगा पड़ गया ढोल बजाने से इनकार करने पर दबंग ठाकुरों ने दलितों के घरों पर सामूहिक रूप से लाठी डंडों से लैस होकर आधी रात को चढ़ाई कर दी जहां दलितों में सामूहिक हमलाकर मारपीट की गई। जिन्हे बचाने आयी महिलाओं को भी जातिसूचक गाली गलौज कर उनके कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र कर दिया गया। लिखित तहरीर के बाद भी दबंग ठाकुरों के खिलाफ एफआईआर न लिखे जाने पर दलितों ने आज भाकपा माले के कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
मंगलवार को भाकपा माले के जिला सचिव का. राजीव कुशवाहा, प्रदेशीय नेता का. रामसिंह चैधरी के नेतृत्व में आटा थाना क्षेत्र के ग्राम कुसमरा के बरार जाति के मुन्ना सिंह, रामपाल, राममोहन, भारत, भोलेशंकर आदि तमाम दलितों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर नगर मजिस्टेªट उरई नत्थू प्रसाद पांडेय को ज्ञापन दिया। जिसमें आरोप लगाया कि दो मार्च को शाम पांच बजे करीब गांव के ही चंदन सिंह, छोटे सिंह, राहुल सिंह ठाकुर, ढोल बजाने के लिए संजय पुत्र नंदीलाल व राममोहन बसोर को जबरन पकड़कर ले गये जब उन्होंने ढोल बजाने से मना किया तो राममोहन व संजय बसोर को छोटे सिंह, राहुल सिंह, चंदन सिंह ने जातिसूचक गालीगलौज करते हुए मारपीट की और गांव छोड़ कर जाने की धमकी दी। जब शिकायत उन्होंने आटा थाने में की तो पुलिस ने इसकी जानकारी गांव के ठाकुरों को दे दी। जिसके चलते दबंग ठाकुर कहर बनकर रात दस बजे उनके घरों पर टूट पड़े बरार वस्ती मे ठाकुर अमित सिंह, छोटे सिंह, उदय सिंह, राहुल सिंह, कन्हैया, चंदन सिंह, दीपू आदि ने लाठी डंडों से लैस होकर हमला बोल दिया और मारपीट कर अधमरा कर दिया उन्हें बचाने आयी पूजा तथा लड़की रामा के कपड़े फाड़ कर निर्वस्त्र कर अश्लील हरकते की। फिर भी पुलिस ने पीड़ितों का ही शांतिभंग में चालान कर दिया। ज्ञापन में मांग की गई है कि दबंग ठाकुरों से गठजोड़ बनाने वाले आटा थानाध्यक्ष को तत्काल निलंबित किया जाए, सवर्ण मानसिकता के तहत जातिसूचक गाली गलौज, मारपीट,अश्लील हरकत करने वाले कुसमरा के ठाकुरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, हमले में घायल हुए दलितों का मेडीकल परीक्षण कराया जाए, मामले की जांच आटा थाने से हटाकर दूसरे पुलिस अधिकारी से करायी जाए, दलितों को गांव में सुरक्षा की गारंटी दी जाए।




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