
उरई। परिवेश में फैली हताशा से आगे निकलकर युवा ही परिवर्तन कर सकते है। युवाओं को अपने काम से समाज में पहचान बनानी होगी। वे अच्छे नेता चुनने की बजाय खुद अच्छा बनकर समाज को बेहतर करने का काम करे। यह बात जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल ने कही। वह आज एडीआर, यूपी इलेक्शन वाच तथा निर्वाचन आयोग के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय पालीटेक्निक के चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर के पांचवे दिन मौजूद स्वयंसेवकों को मुख्य अतिथि के नाते संबोधित कर रहे थे।
यूपी इलेक्शन वाच के प्रदेश समन्वयक अनिल शर्मा ने कहा कि करीब 85 प्रतिशत जनता को वोट डालने के बाद इन जनप्रतिनिधियों से कोई वास्ता नहीं रहता है। यही कारण है कि वे उनके बारे में जानकारी नहीं रखते है। जब जनप्रतिनिधि पर हम काम के लिए जनदबाव नहीं बनाएंगे तो फिर वे तो मनमानी करेंगे ही। इसलिए ऐसे जनप्रतिनिधि को चुनना चाहिए, जो अपने क्षेत्र की समस्याओं को जानता हो। उन्होंने कहा कि मांगपत्र बनाकर जनप्रतिनिधियों पर जनदबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने सांसद विधायकों के वेतन भत्तों व पेंशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
आपदा निवारक मंच के संयोजक रामकृष्ण शुक्ला ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि को मिले निगेटिव वोटों यानी नोटा को असरकारी बनाकर इसे ताकत देने की जरूरत है। नोटा अभी केवल नाम के लिए अस्तित्व में है। डा. रमेश चंद्रा ने कहा कि सुनी सुनाई बातों की बजाय खुद मंथन करके जागरुक होना होगा। डा. रेनू चंद्रा ने कहा कि आज हम बदलेंगे युग बदलेगा वाले वाक्य पर अमल करने की जरूरत है। शिक्षक संजीव श्रीवास्तव ने कविता के माध्यम से अपनी बात कही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पालीटेक्निक के प्रधानाचार्य नीरज यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधि चुनने से पहले अपने को लायक बनाए और खुद प्रतिनिधि बने। संचालन एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने किया।
इस मौके पर यूपी इलेक्शन वाच के सदस्य शशि शेखर दुबे, शिक्षिका मालती कुशवाहा, सुधा शाक्या, श्रवण कुमार, अनिल यादव, सुनील भारद्वाज, जाह्नवी निगम, मोहिनी कटियार, अखिलेश नंदन आदि मौजूद रहे।
भाषण प्रतियोगिता में सौरभ ने बाजी मारी
उरई। हमारा जनप्रतिनिधि कैसा हो विषयक भाषण प्रतियोगिता में विपिन कुमार यादव, शिवकुमार, मनोज कुमार, आकाश जाटव, विवेक यादव, अवनीश कुमार, शुभि सचान समेत करीब पंद्रह एनसीसी स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। जिसमें निर्णायक मंडल में शामिल प्रधानाचार्य नीरज यादव, संजीव श्रीवास्तव व माया शुक्ला ने सौरभ दीक्षित को पहला, प्रतिभा तिवारी को दूसरा तथा कृतिका चौरसिया को तीसरा स्थान मिला। जबकि अनपू कुमार को सांत्वना पुरस्कार मिला।
ये प्रस्ताव हुए पारित
-नोटा से हारे प्रत्याशियों के चुनाव लडऩे पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जाए
-सरकारी कर्मचारियों की तरह विधायक व सांसदों की भी पेंशन बंद होनी चाहिए
-अपने क्षेत्र की समस्याओं का मांगपत्र बनाकर जनदबाव बनाया जाए
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मांगपत्र बनाकर सोशल मीडिया में डालेंगे
उरई। कार्यक्रम में प्रदेश के करीब तीस से ज्यादा जिलों के प्रतिभागियों ने हिस्सेदारी की। उन्होंने कार्यक्रम में यह संकल्प लिया कि वह अपने क्षेत्र का ब्रांड एंबेस्डर बनकर समस्याओं का मांगपत्र बनाकर सोशल मीडिया में डालकर जनदबाव बनाने का काम करेंगे।






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