इटावा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण द्वारा स्थानांतरण के बाद चार्ज छोड़ने के पहले यहां के परिवहन कार्यालय में रविवार को की गई छापेमारी की गूंज पूरे प्रदेश में सुनी जा रही है। इस सिलसिले में देर रात उन्होंने इटावा के दोनों एआटीओ भी गिरफ्तार करा दिये। परिवहन विभाग को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अडडा माना जाता है और यह पहली बार है कि दो एआरटीओ एक साथ किसी कार्रवाई में गिरफ्तार हुए हैं।
सीओ अंजनी चतुर्वेदी गिरफ्तार एआरटीओ प्रशासन हिमांशु जैन और एआरटीओ प्रवर्तन मो. अजीम व एक दलाल माफिया प्रदीप गुप्ता उर्फ गडडा को भारी भरकम पुलिस बल के साथ लखनऊ स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश करने के लिए ले गये।
गौरतलब है कि पुलिस ने कल छापेमारी में एआरटीओ दफ्तर, एक महिला क्लर्क के घर और आगर स्थित उनके ठिकानों से 28 लाख रुपये की नगदी, दो किलो सोना और 10 किलो चांदी की बरामदगी की थी। प्रदेश भर में परिवहन विभाग के अधिकारी प्रतिदिन ऊपरी इनकम के रूप में लाखों रुपये कमाते हैं। लेकिन इनके अकूत भ्रष्टाचार को पकड़ने के लिए सरकार अभी तक कोई अभियान नही चला पाई है जबकि एक जनपद स्तरीय पुलिस अधिकारी ने अपनी पहल पर इस मामले में मील का पत्थर गाड़ दिया है। पूरे प्रदेश के परिवहन अधिकारियों में इसके बाद खलबली मची हुई है। खबर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ परिवहन कार्यालयों में व्याप्त दलालो के साम्राज्य और कागजात बनाने में खेले जाने वाले धोखाधड़ी के भारी खेल का चक्रव्यूह तोड़ने के लिए किसी बड़े अभियान की शुरूआत कर सकते हैं।






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