उरई। सरकार के कृपा पात्र कहे जाने की वजह से जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राजेश शाही के कार्यकाल में जनपद के परिषदीय स्कूलों की हो रही दुर्दशा का मंगलवार को एक और प्रमाण मिल गया।
जालौन के उप जिलाधिकारी भैरपाल सिंह ने आज कस्बे में आकस्मिक निरीक्षण किया जिसके दौरान उन्हें कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में ताला जड़ा मिला। उप जिलाधिकारी ने संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है लेकिन सवाल यह है कि जनपद में प्रशासनिक अधिकारी जब भी सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करते हैं अधिकांशतः उन्हें स्कूल बंद मिलते हैं तो बीएसए और उनके खंड शिक्षाधिकारियों की फौज क्या करती रहती है।
क्या सरकारी स्कूलों के बच्चों का भविष्य बर्बाद करने की कोई साजिशी नीति अमल में लाई जा रही है। सरकारी स्कूलों में गरीब जनता के बच्चे पढ़ते हैं। हो सकता है कि कुलीनों को उनका आगे बढ़ना अखरता हो। जिसके कारण इन स्कूलों को बर्बाद किया जा रहा हो तांकि उनका तुष्टीकरण हो सके।
जालौन के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बारे में विवरण में पता चला है कि यहां तैनात अध्यापिका वंदना गुप्ता लगातार चार महीने से अनुपस्थित चल रहीं हैं। उनसे फोन पर बात की गई तो पता चला कि वे कहीं अटैच हैं। उप जिलाधिकारी ने बीएसए को फोन किया तो उन्होंने फोन रिसीव नही किया। उप जिलाधिकारी ने फिलहाल अध्यापिका और सहायक खंड़ शिक्षाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।






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