उरई । बुंदेलखंड के इतिहास की जड़ें प्रागैतिहासिक काल तक जाती हैं । यहाँ की पुरातात्विक धरोहरों को सँजोने की जररूत है जो सभ्यता के विकास के कई अनछुए पहलू उजागर कर सकते हैं ।

यह बात मंगलवार को कोंच रोड स्थित बुंदेलखंड विधि महाविद्यालय के सभागार में युवा आदर्श समाज कल्याण समिति के तत्वाधान में आयोजित संगोष्ठी में प्रदेश के अपर पुलिस महा निदेशक सुरक्षा विजय कुमार ने कही ।

गोष्ठी की अध्यक्षता विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आर एल भटनागर ने की । प्रारंभ में अपर पुलिस महा निदेशक विजय कुमार ने सरस्वती माँ के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया । रेडक्रास सोसायटी के सचिव युद्धवीर कंथरिया ने संचालन किया ।

कार्यक्रम के संयोजक श्रमजीवी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय पार्षद श्रीकांत शर्मा ने विषय प्रस्तावना कराते हुए कहा कि बुंदेलखंड की संस्कृति समृद्ध है जिसके गौरव को प्रकाश में लाने के लिए सरकारी और उच्च सेवा की व्यस्तता के वाबजूद विजय कुमार अनूठा योगदान दे रहे हैं । उनसे यहाँ के शोधार्थियों को लाभान्वित होने का दुर्लभ अवसर मिल सकता है ।

संगोष्ठी में बुंदेलखंड भर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय विद्वजनों का समागम रहा जिनमें हमीरपुर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण , बांदा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चंद्र , पूर्व बार संघ अध्यक्ष अरविंद गौतम चच्चू , पूर्व प्राचार्य डॉ राकेश द्विवेदी , परिवहन राज्य मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान शामिल थे । विद्यालय समिति के उपाध्यक्ष बृजभूषण सिंह मुन्नू ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया । विधि महाविद्यालय के प्रबंधक शरद शर्मा ने उन्हे स्मृति चिन्ह देने के बाद आभार जताया ।

 

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