जालौन-उरई । गर्मी दिन प्रति दिन प्रचंड रूप धारण कर रही है जिसके कारण जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। जल स्तर गिरने के कारण हैंडपंप पानी देना बंद करते जा रहे हैं। विकास खण्ड की 62 ग्राम सभाओं में लगभग दो सैकड़ा हैंडपंप बंद पड़े हैं वहीं नगर में दो दर्जन से ज्यादा हैंडपंप बंद है जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के साथ नगर में भी पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना बलबती हो गई है।
विकास खण्ड की 62 ग्राम सभाओं में 200 से ज्यादा हैंडपंप पानी नहीं दे रहे हैं। हर गांव में हैंडपंप खराब है। ग्रामीण हैंडपंप ठीक कराने के लिए बी डी ओ तथा एस डी एम के चक्कर लगा रहे हैं किन्तु हैंडपंप की मरम्मत कराने वाली ग्राम पंचायत तथा रीबोर कराने वाली संस्था जल निगम संसाधनों का अभाव बताकर कार्य होने में देरी की बात करता है। बी डी ओ सुदामा शरण के अनुसार 62 ग्राम सभाओं में 123 हैंडपंप रीबोर की सूची में शामिल थे जिसमें 24 हैंडपंपों का रीबोर हो गया है। 8 हैंडपंपों ने मरम्मत के बाद ही पानी देना शुरू कर दिया है। 91 हैंडपंप सरकार आंकड़ों के अनुसार रीबोर की सूची में जबकि हकीकत में इससे ज्यादा हैंडपंप रीबोर की बाट जोह रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के अलावा नगर में रीबोर होने के इंतजार में 17 हैंडपंप है।ये आंकड़े जल संस्थान के इसके अलावा भी नल है जो रीबोर की श्रेणी में आते हैं। महीनों से बंद पड़े हैंडपंपों के रीबोर न होने के कारण नगर में भी पानी की किल्लत शुरू हो गई है। नगर के 25 वार्ड में शायद ही कोई वार्ड होगा जहां हैंडपंप खराब न हो। रीबोर व रिपेरिंग का काम धीमी गति से होने के कारण नगर में भी पेय जल संकट उत्पन्न होने लगा है। अवर अभियंता हरिकेष पटेल बताते हैं कि रिपेरिंग का लगातार चल रहा है तथा प्रतिदिन हैंडपंप ठीक हो रहे




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