
उरई। मुख्य चिकित्सधिकारी डा0 अल्पना बरतारिया की अध्यक्षता में अचल प्रशिक्षण केन्द्र सी0एम0ओ0 आफिस में विश्व क्षय रोग दिवस मनाया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को महान वैज्ञानिक रार्बट क्राॅक्स के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है किन्तु 24 मार्च को लखनऊ में मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में यह आयोजन सम्पन्न हुआ था जिसमे जनपद के क्षय रोग अधिकारी एवं अन्य चिकित्सक व स्टाफ वहीं बुलाया गया था। जिस कारण यहाँ आज यह दिवस मनाया जा रहा है। प्रो0 रार्बट काॅक्स का जन्म 24 मार्च 1843 में जर्मनी में हुआ था। इन्होंने 23 साल की उम्र में एम0डी0 की उपाधि प्राप्त की। इनकी पत्नी ने जन्म दिन पर माइक्रोस्कोप उपहार के रूप में इन्हें दिया। आपने मई-जून 1897 में भारत भ्रमण के दौरान बम्बई ,लखनऊ, फैजाबाद और मुक्तेश्वर लैबोरेटरी में अपने शोध कार्यों का प्रदर्शन किया। 24 मार्च 1882 को महान वैज्ञानिक सर रार्बट काॅक्स ने क्षयरोग का जीवाणु खोजकर चिकित्सा क्षेत्र में क्रान्तिकारी परिवर्तन ला दिया। 13 मार्च को प्रधानमंत्री के द्वारा नई दिल्ली में एंड टीबी समिति का आयोजन किया गया था एवं 2025 तक भारत से टी0बी0 को समाप्त करने की घोषणा की थी। इसी को दृष्टिगत रखते हुए सभी को कार्य करना है और 2025 तक भारत टी0बी0 रोग मुक्त कराना है। जिससे प्रधानमंत्री का सपना है पूर्ण हो सके।
जिला क्षयरोग अधिकारी डा0 सुग्रीव बाबू ने कहा कि टी0बी0 दो प्रकार की होती है फेफड़ो की टी0बी0 जो कि 85 प्रतिशत लोगों में होती है। फेफड़ो के अलावा और कोई अंग प्रभावित होकर अपना कार्य करना बंद कर देता है वह दूसरे प्रकार की टी0बी0 होती है। जनपद में 65 टीमें बनाकर विभिन्न क्षेत्रों घर-घर जाकर टी0वी0 के मरीजों को चिन्हित करने हेतु दिनांक 24 फरवरी से 10 मार्च तक एक विशेष अभियान चलाया गया। जिसके तहत 1.83 लाख की आबादी को लक्षित करके 1.63 लाख जनसंख्या की स्क्रीनिंग की गई एवं 1769 संदिग्ध रोगियों का बलगम परीक्षण किया गया। जिसमे से 50 रोगी बलगम घनात्मक पाये गये एवं 02 रोगी एक्सरे में पाजिटिव पाये गये। इस प्रकार 52 रोगी क्षयरोग के मिले। जिनका नियमित इलाज करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निजी चिकित्सालयों में इलाज कराने वाले क्षयरोग रोगियों की सूची अब इनके द्वारा उपलब्ध कराई जायेगी। जिससे टीमों द्वारा इनके घर पर जाकर देखा जायेगा कि यह नियमित दवा खा रहें है या नहीं। यदि पाया जायेगा कि दवा नहीं खा रहें है तो इनको जिला अस्पताल में पंजीकरण कर इन्हें नियमित दवा खिलाकर रोग मुक्त किया जायेगा।
इस अवसर पर एन0जी0ओ0 एवं अन्य लोगो ने अपने सुझाव दिये कि कैसे और अच्छे तरीके से चिकित्सा/जांच कराई जा सकती है और इलाज की व्यवस्था की जा सकती है।कार्यक्रम में अन्य चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।




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