उरई। हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक इंसानियत के सूफी बुजुर्ग हजरत सय्यद गैबू शाह बाबा का 24वां अजीमोशान दो रोजा उर्स पाक में पहले दिन रात में बड़े ही शानो-शौकत के साथ महफिल ए कव्वाली का आगाज हुआ इससे पहले बाबा के आस्ताने पर  शहर के  अकीदतमंदों द्वारा चादरपोशी की रस्म अदा की गई। महफिल ए कव्वाली के शानदार मुकाबला में मेहमान कब्बालों ने पूरी रात समा बांधकर रखा। कव्वाली का लुत्फ लेने के लिए कसीर तादाद में लोगों ने हिस्सा लिया। प्रोग्राम का आगाज हाफिज आसू बरकाती ने तिलावते रब्बानी से किया।फिर अल्लाह की हम दोसना पढ़ते हुए मुल्क के मशहूर कव्वाल इम्तियाज भारती मुंबई में पढ़ा कि बहे खून मेरा चमन के लिए, मेरी जान जाए वतन के लिए, मेरा दिल जिगर और मेरी जान भी है कुर्बान रंजो चमन के लिए, मेरी जान जाए वतन के लिए, भरत राम की तरह कर लो मिलाप हो इतना करम संगठन के लिए, मेरी जान जाए वतन के लिए । इसके बाद शिवा परवीन नागपुर ने कलाम पेश किया खौफ हो दहशत का ए तूफान ना होने देंगे अब कोई भी बस्ती वीरान ना होने देंगे हिंदू मुसलमान आओ इस बात का वादा कर लें, मेरे भारत तेराअपमान ना होने देंगे।

प्रोग्राम में मुख्य अतिथि भाजपा के जिला मंत्री गुरु प्रसाद शर्मा समाजसेवी इरसाद सेठ कोच, मेहमाने खुसूसी अजय कुमार गुप्ता, कमलापत, महमूद आढती, नौशाद बॉडी मेकर मुन्नाराइन सभासद, मोहम्मद रफीक ने अपनी जागरुक उपस्थिति से कब्बालों में जोश पैदा किया उर्स कमेटी के अध्यक्ष इरशाद अहमद टिंकू ने आए हुए अतिथियों का सिर पर साफा बांधकर इस्तकबाल किया वही मेहमानकब्बालों का कमेटी के नौसे ठेकेदार, तारिक खान ने फूल मालाओं से इस्तकबाल किया। अनीस अंसारी, नाजिम खान, शरीफ अंसारी, सोनू बॉडी मेकर, सुयेब ठेकेदार सलीम भइया ने मंच व्यवस्थाओं का संचालन किया। और कमेटी के कोषाध्यक्ष जब्बार अंसारी लेखा जोखा की व्यवस्था संभाली जबकि कमेटी के मीडिया प्रभारी इबादतअली सानू ने कहा कि सरकार गैबूशाह बाबा का एहसान है कि हम जैसे फकीरों से ले लेते हैं प्रोग्राम का संचालन कर रहे पप्पू थापा व साबूगोवा ने अपनी मुहावरेदार भाषा शैली से प्रोग्राम में जान फूंक दी।

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