
कोंच-उरई । बीती शाम शिक्षक द्वारा किये गये आत्मदाह के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने एवं दिवंगत शिक्षक को श्रद्घांजलि देने के लिये कैंडल मार्च निकाल रहे शिक्षकों को पुलिस ने रोक दिया जिसके चलते शिक्षकों को अपना प्रस्तावित मार्च निरस्त करना पड़ा और बापिस आकर लक्ष्मीबाई की प्रतिमा के नीचे मोमबत्तियां जला कर श्रद्घांजलि की औपचारिकता पूरी करनी पड़ी। मार्च रोके जाने का कारण परमीशन नहीं लिया जाना बताया गया। शिक्षक अब नये सिरे से परमीशन लेकर दोबारा से कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं।

ललितपुर जिले में उत्पीडऩ से आजिज आकर एक शिक्षक ओमप्रकाश पटैरिया द्वारा किये गए आत्मदाह के विरोध में चंदकुआ कोंच से एसडीएम कार्यालय तक शिक्षकों का कैंडल मार्च प्रस्तावित था। चंदकुआ पर रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा के नीचे जुटे सैकड़ों शिक्षक हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर जैसे ही आगे बढे, कोतवाल विनोदकुमार मिश्रा वहां दल बल सहित पहुंच गये और उन्होंने मार्च को वहीं रोक दिया तथा परमीशन दिखाने को कहा। शिक्षक परमीशन नहीं दिखा सके लिहाजा पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढने दिया। गुस्साए शिक्षकों ने आधे रास्ते में ही बुझा दी मोमबत्तियां और लौट गए चंदकुआ पर तथा वहीं बैठ कर श्रद्घांजलि की औपचारिकता पूरी कर ली। शिक्षक अब नये सिरे से परमीशन लेकर कैंडल मार्च निकालने की तैयारी में हैं।







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