उरई। प्रदेश के सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने सभी विभागों को हिदायत दी है कि वे विहित प्रक्रिया के अनुसार मांगी गई सूचनाओं को निर्धारित अवधि में आवेदक को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दें अन्यथा उन्हें दंडित होना पड़ेगा।
जन सूचना के आवेदनों में होने वाली हीला-हवाली को लेकर राज्य सूचना आयोग का रुख कठोर हो गया है। शुक्रवार को विकास भवन में हर विभाग के जन सूचनाधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारियों की क्लास सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने लगाई। इसमें उन्होंने जन सूचना अधिकार नियमावली 2015 का प्रशिक्षण उन्हें दिया। कहा कि वे इस नियमावली को अच्छी तरह समझ लें।
जन सूचना अधिकार अधिनियम की धारा-4 और नियमावली की धारा-8, 9 व 24 को छोड़कर वे किसी भी आवेदन पर सूचना देने से इंकार नही कर सकते। अगर कोई विषय उक्त नियमों में कवर होता है तो इसकी भी जानकारी उन्हें आवेदक को देनी होगी।
सूचना आयुक्त ने बताया कि जन सूचना आवेदनों के निस्तारण में जानबूझ कर विलंब करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर आयोग ने भारी जुर्माने लगाये हैं। हालांकि इसके बावजूद या तो जन सूचना देने में आनाकानी की जा रही है या अपूर्ण जानकारी देकर पिंड छुड़ाने की कोशिश की जा रही है। जिसकी वजह से 35 हजार अपीलों का अंबार राज्य सूचना आयोग में लगा है।
गजेंद्र यादव ने बताया कि आवेदक के लिए भी यह सीमा तय कर दी गई है कि वे एक आवेदन में सिर्फ पांच सौ शब्दों में याचना कर सकते हैं इससे अधिक शब्द होने पर उन्हें दूसरा आवेदन दायर करना होगा। पत्रकार वार्ता के समय अपर जिलाधिकारी पीके सिंह भी उपस्थित रहे।







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