उरई। पुलिस की डायल-100 सेवा को दागदार बनाने में कई बार अधिकारियों द्वारा कड़ी चेतावनी दिये जाने के बावजूद विभाग की कतिपय काली भेड़ें बाज नही आ रहीं। पुलिस अधीक्षक के सामने हाल में फिर डायल-100 के स्टाफ द्वारा निर्दोष को आतंकित कर रुपये की उगाही करने की शिकायत सामने आई है।
पुलिस विभाग में ज्यों-ज्यों बूड़हि स्याम रंग, त्यों-त्यों उज्जवल होय की कहावत शीर्षासन कर बैठती है। पुलिस विभाग की छवि को उजला करने के लिए डायल-100 सेवा शुरू की गई जो कुल मिलाकर अपने उददेश्य में कामयाब भी है। लेकिन इस सेवा में कुछ ऐसे कर्मी शामिल हो गये हैं जो डायल-100 के उजले डिजर्टेंट को कालिख पोतने का जरिया बना रहे हैं।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चैरसी निवासी नरेंद्र सिंह पुत्र मलखान सिंह के साथ हुए व्यवहार से डायल-100 के पुण्यों पर पानी फिर गया। उन्होंने बताया कि वे गाड़ी मैकेनिक के काम से गुजारा चलाते हैं। गत 4 तारीख को रात 9 बजे वे गांव के ही साहिल सिंह की गाड़ी पुर्चे खोलकर घर के अंदर ठीक कर रहे थे तभी डायल-100 के लोग उनके यहां घुस आये और मां-बहन की गाली देते हुए उन्हें अपनी गाड़ी में धकेल दिया। गांव के बाहर उन शैतान पुलिस कर्मियों ने उनसे पांच से रुपये छीन लिए तब उन्हें छोड़ा।
नरेंद्र सिंह ने बताया कि गाड़ी में उन्होंने गांव के एक और किसान को भी बंधक बना रखा था उसे भी रुपये लेकर ही छोड़ा। पुलिस अधीक्षक ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिये हैं।

One response to “डायल-100 सेवा का नाम डुबो रहीं, खाकी की कुछ काली भेड़ें”

  1. Udayveer Avatar

    Ye to chote chor h jab pura sistam hi bhristachari h to etna ho hak enka bhi banta h or kishan ko to har sal 10000 rs bhristachar dena hi padta h chote chote bat bivad kahi kotwali tak pahuch gaya to daroga ko chahiye 2000 hajar sab nipat jayega

    Like

Leave a comment