जालौन-उरई। स्थानीय जनता का नगर पालिकाध्यक्ष गिरीश गुप्ता से इतनी जल्द मोह भंग शुरू हो गया है जिसकी कि कल्पना फिलहाल नही की जा सकती थी। गिरीश गुप्ता इस समय संगीन आरोपों के घेरे में हैं।
कुछ नाराज सभासदों ने नाम न छापने की शर्त पर पत्रकारों को बताया कि नगर पालिका इस समय दलालों का अडडा बन गई है। इतना ही नही कमीशनबाजी का खेल भी खुलेआम खेला जा रहा है। बताते चले कि नगर में साफ और अच्छी छवि के नाम पर गिरीश गुप्ता का चुनाव लोगों ने बहुत उम्मीदों के साथ किया था लेकिन उनके कई ऐसे कारनामे उजागर हुए हैं। जिससे उन पर आरोपों की झड़ी लग गई है।
पिछले कार्यकाल में नगर के विकास कार्यों को सिर्फ कागजों पर दर्शाकर 65 लाख रुपये का पेमेंट कर दिया गया। जिससे सभासद बौखलाये हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी इस करतूत पर अपना मुंह बंद नही रख पा रहे।
वर्तमान अधिशाषी अधिकारी के रहते हुए पिछले कार्यकाल में बस स्टैण्ड पर साफ-सफाई व मरम्मत और सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च किये गये थे। लेकिन आज भी वहां हालत बदहाल बनी हुई है। पिछले दो दिन से सोशल मीडिया पर पालिका प्रशासन की करतूतों के खिलाफ गुबार निकाले जा रहे हैं। जनता इन हालातों में अपने को ठगा महसूस कर रही है। जब पालिकाध्यक्ष गिरीश गुप्ता से उनका मत जानने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल लगातार ठप्प मिला। नगर के प्रथम नागरिक का मोबाइल ठप्प होना भी अपने आप में किसी बड़ी विसंगति से कम नही है।







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