जालौन-उरई। तेजी से गिरते जल स्तर के कारण निजी हैंडपंप और बोरिंग ठप्प होने लगे हैं। दूसरी ओर सार्वजनिक हैंडपंपों पर दबंगों ने प्रशासन की अनदेखी का फायदा उठाकर समरसेविल डाल ली है। जिससे जल स्तर में गिरावट का सिलसिला और ज्यादा तेज होने लगा है।
जैसे-जैसे गर्मी अपना रंग दिखाने पर आ रही है वैसे-वैसे आम जनता की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं। लोग अभी से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में खनुआं, कैंथ, सुढ़ार, धंतौली, धनौरा आदि में पानी की किल्लत से लोग बुरी तरह जूझ रहे हैं। सुबह से ही लोग सार्वजनिक हैंडपंपों पर पहुंचकर पानी के लिए कतार में खड़े हो जाते हैं। इस आपाधापी में बच्चों के स्कूल का समय निकल जाता है। कर्मचारी दफ्तर के लिए लेट लतीफ हो जाते हैं।
खंड विकास अधिकारी सुदामा शरण ने ब्लाक क्षेत्र की सभी 68 ग्राम पंचायतों के प्रधान व सचिवों को सार्वजनिक हैंडपंपों से समरसेविल हटवाने का निर्देश दिया था लेकिन उनका आदेश हवा-हवाई साबित हो रहा है। इतना ही नही कुछ किसानों का मानना है कि पिछले तीन-चार वर्षों से जहां बारिश कम हो रही है वहीं मैंथा की खेती की रोकथाम का प्रयास नही किया जा रहा। जिससे संकट और ज्यादा विकराल होता जा रहा है। समरसेविल हटवाने के लिए प्रशासन से सख्ती की अपेक्षा की जा रही है।

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