
* सडक़ सुरक्षा सप्ताह में भाविप के तत्वाधान में हुई गोष्ठी, निकाली गई जागरूकता रैली
कोंच-उरई । सीओ कोंच संदीप वर्मा ने कहा कि आये दिन सडक़ दुर्घटनाओं में मौतें होने की खबरें अखबारों की सुर्खियों में होती हैं और इन मौतों का बड़ा कारण यातायात नियमों की अवहेलना करना होता है। सौ मरने बालों में पंचानवे प्रतिशत मौतें हेलमेट नहीं लगाये होने के कारण होती हैं। लोगों को सडक़ पर चलते समय यातायात नियमों का पालन कानून की सख्ती की बजह से नहीं बल्कि अपनी सुरक्षा के लिहाज से करना चाहिये। यह बात उन्होंने शनिवार को एसआरपी इंटर कॉलेज में सडक़ सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत भारत विकास परिषद् द्वारा आयोजित संगोष्ठी के दौरान बतौर मुख्य अतिथि कही।

शनिवार की सुबह आयोजित इस गोष्ठी की अध्यक्षता भाविप के शाखा अध्यक्ष विजय रावत ने की और संचालन राजीव रेजा ने किया। सीओ संदीप ने कहा कि बैसे तो हर नागरिक का यह दायित्व है कि वह खुद नियमों का पालन करे लेकिन समय समय पर शासन के निर्देशों पर पुलिस भी नागरिकों को जागरूक करती रहती है कि सडक़ पर चलने के पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि कहीं वह किसी नियम की अवहेलना तो नहीं कर रहे हैं। ऐसा करके न सिर्फ वह खुद की जिंदगी सुरक्षित रख सकते हैं बल्कि सामने बाले की भी जिंदगी बचा सकते हैं। इससे पूर्व तहसीलदार भूपाल सिंह ने बतौर बिशिष्टï अतिथि गोष्ठी को संबोधित करते हुये कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को यातायात नियमों के बारे में बतायें, उनका यह भी दायित्व है कि वे अपने नाबालिग बच्चों के हाथों में वाहन कतई न दें, उन्हें वाहन चलाने की अनुमति तभी दें जब उनके पास बैध ड्राइविंग लाइसेंस हो। गोष्ठी को श्रीकांत गुप्ता, प्रोफेसर वीरेन्द्रसिंह, ब्रजेन्द्र मयंक आदि ने भी संबोधित किया। कक्षा 12 के छात्र गिरेन्द्रसिंह ने पुलिस को ही आइना दिखा दिया, कहा कि यातायात नियमों की धज्जियां तो सबसे ज्यादा पुलिस ही उड़ाती है। उसने सीओ को इंगित करते हुये कहा कि पहले अपना घर सुधारो तब लोगों से सुधरने की बात करें। आभार संस्था सचिव अमरेन्द्र दुवे ने जताया। गोष्ठी के बाद जागरूकता रैली भी निकाली गई। एसटीके, पं. रामस्वरूप रावत स्कूल, सेठ विन्द्रावन स्कूल, अमरचंद्र महेश्वरी स्कूल सहित तमाम स्कूलों के बच्चे हाथों में बैनर और तख्तियां लिये यातायात को लेकर जागरूकता का संदेश दे रहे थे। रैली का समापन जिला परिषद् स्कूल प्रांगण में हुआ। इस दौरान डॉ. दिनेश उदैनिया, प्रह्लाद सोनी, सुनीलकांत तिवारी, नृसिंह गहरवार, आशुतोष हूंका, राजेन्द्र निगम, देवेन्द्रकुमार द्विवेदी, ब्रजबल्लभसिंह सेंगर, ओमप्रकाश वर्मा, चंद्रप्रकाश निरंजन, राजेन्द्र द्विवेदी, डॉ. रमेशचंद्र पांडे आदि मौजूद रहे।







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