0 पहले निलंबन फिर मनचाहे विद्यालय में कर दिया जाता संबद्ध

0 शिक्षक से सेटिंग होते ही प्रायोजित फार्मूले पर हो जाता अमल

0 फिर विद्यालय में तालाबंदी हो या फिर हो जाये एकल

उरई । एक ओर शासन सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है ताकि देश के नौनिहालों को शिक्षित कर उनका भविष्य संवारा जा सके। लेकिन जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इससे कोई सरोकार नहीं रहता। शासन द्वारा शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक लगायी गयी है। लेकिन बीएसए ने शिक्षकों के स्थानांतरण का ऐसा फार्मूला ईजाद कर लिया जिससे सांप भी मर जाता है और लाठी भी नहीं टूटती। मतलब जिस शिक्षक को मनचाले विद्यालय में तैनाती चाहनी होती है उसको पहले निलंबन का दंश दिया जाता है फिर कुछ दिनों के अंतराल पर उसका मनचाहे विद्यालय में तैनाती दे दी जाती है। इस काम का पहले से ही नजराना फिक्स हो जाता है। लेकिन इसके बाद भी ऐसे शिक्षक को सुकराना व हकराना भी बीएसए कार्यालय में वसूल किया जाता है।

पूर्व के वर्षांे में शासन द्वारा शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक लगा दी गयी थी। लेकिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों के स्थानांतरण की ऐसी नीति का फार्मूला ईजाद कर लिया जिसमें अपने तैनाती विद्यालय से स्थानांतरण चाहने वाले शिक्षकों से नजराना की बात फिक्स हो जाती है। इसके बाद बीएसए संबंधित शिक्षक को कोई न कोई बहाना बनाकर निलंबित कर देते है। इसके बाद उसकी मनचाहे विद्यालय में तैनाती दे दी जाती हैं। यह खेल बीएसए कार्यालय में खुलकर खेला जा रहा है। हालांकि इस संबंध में विभाग द्वारा यह निर्देश दिये गये कि किसी भी शिक्षक को उसके तैनाती प्राथमिक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में संबद्ध न किया जाये। हाल ही में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार शाही ने बरहा जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक पर अनियमितता का आरोप लगाकर उसे निलंबित कर दिया और उसके स्थान पर नदीगांव में पदस्थ दूसरे शिक्षक को सुविधा प्रदान करते हुये उसकी बरहा विद्यालय में संबद्ध कर दिया। बरहा जूनियर हाईस्कूल में अभी शिक्षक कार्य रहा है जबकि नदीगांव ब्लाक से जिस शिक्षक को बरहा में संबद्ध किया गया है वह विद्यालय एकल हो गया। कार्यालय सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों उन्हें अपनी श्रेष्ठता के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया था। लेकिन उन्हें जनपद के परिषदीय विद्यालयों की चिंतनीय स्थिति का भी अध्ययन करना चाहिए। फिलहाल तो बीएसए कार्यालय मंे शिक्षकों के निलंबन व संबद्धीकरण का गोरखधंधा अपनी जड़े गहरीं करने में सफल होता नजर आ रहा हैं।

 

 

Leave a comment