उरई। गरीबों को आवासीय पटटे के नाम पर अंधा मांगे रेवड़ी, चीन्ह-चीन्ह कर देय का आलम अपनाया जा रहा है। इसी तरह के एक मामले की शिकायत पीड़ित ने जालौन में उप जिलाधिकारी से की है।
जालौन विकास खंड के ग्राम हरीपुरा निवासी बलराम सिंह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास रहने के लिए आज तक कोई घर नही है। सन 2014 में 10 दिसम्बर को उन्होंने आवासीय पटटे के लिए आवेदन दिया था जिस पर तहसीलदार द्वारा संस्तुति दी जा चुकी थी लेकिन प्रधान और सचिव की दया-दृष्टि न होने की वजह से उसे आज तक पटटा नही मिल पाया है। जिससे वह दूसरे के मकान में रह रहा है। बलराम सिंह ने गुहार लगाई कि उप जिलाधिकारी उसकी जायज मांग को देखते हुए आवासीय पटटा दिलाने के हस्तक्षेप करें।






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