उरई। अंबेडकर महासभा की बैठक शुक्रवार को बघौरा स्थित जिला कार्यालय पर हुई जिसमें दलितों पर बढ़ते अत्याचार एवं उनके भय ग्रस्त परिवारों के पलायन पर चिंता जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार ऐसे मामलों में आरोपियों का संरक्षण कर रही है।
बैठक को संबोधित करते हुए अंबेडकर महासभा के जिलाध्यक्ष पंकज सहाय ने कहा कि जबसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार केंद्रीय सत्ता में आई है देश में दलित उत्पीड़न की घटनाएं 66 प्रतिशत बढ़ गई हैं जो कि दुखद और चिंता का विषय है। दलित उत्पीड़न के 80 फीसदी मामलों को बिना न्याय के रफा-दफा किया जाता है। दलितों में इसके कारण बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है। जालौन जिले में भी ऐसी स्थिति कायम है। अब सवाल यह है कि भाजपा जब सामाजिक समरसता की बात करती है तो दलितों का दमन करने वालों के साथ उसे लगाव क्यों है। उन्होंने कहा कि दलितों के घर भोजन करने को नौटंकी से ज्यादा महत्व नही दिया जा सकता।
इस अवसर पर महासभा के जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यूपी में दलित पलायन भयाभव स्तर पर पहुंच गया है। दलितों में असुरक्षा की भावना भीषण स्तर पर गहराई हुई है। यह स्थिति असाधारण और आपातकालीन मानी जानी चाहिए। जिला कोषाध्यक्ष दयाकुमार जाटव ने कहा कि भाजपा सरकार स्वाभिमानी और आत्मनिर्भर दलित नेतृत्व को बचाने में असमर्थ है। इसी कारण सहारनपुर में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण की रासुका बढ़ाकर उन्हें अनंत काल तक जेल में रखने की साजिश की जा रही है। प्रेमनारायण अहिरवार, कप्तान पाल, सुरेंद्र विक्रम वेद, कल्ले जाटव आदि ने भी विचार प्रकट किये।






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