
कालपी-उरई । प्रचंड हवाओं तथा वारिस के कारण 40 घंटे बीत जाने के बाद भी कालपी की पेयजल तथा विद्युत व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी। फलस्वरूप नगर वासियों को नलों से पानी की सप्लाई न मिलने के कारण तमाम उपभोक्ता बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते रहें।
स्मरण हो कि बुधवार की रात हाय प्रचंड तूफान ओलावृष्टि के कारण दर्जनों वृक्ष टूट कर धराशाई हो गए। नगर पालिका के अवर अभियंता तोताराम सफाई निरीक्षक विपिन कुमार को सड़कों तथा सार्वजनिक स्थानों से टूटे पेड़ों को हटाने के लिए भारी मशक्कत से जूझना पड़ा। शुक्रवार को भी तमाम जगह से टूटे पेड़ नहीं हटाये जा सके। इसी प्रकार कालपी बाजार, सब्जी मंडी रोड, फुल पावर बाईपास चैराहे के बिजली के खंबे तथा हाईटेंशन विद्युत लाइन एवं इंसुलेटर आदि टूट कर जमीन में गिर पड़े। हाईटेंशन लाइन तथा खंभों के क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्युत सप्लाई पूरे नगर की चरमरा गई। उपखंड अधिकारी अजय कुमार तथा जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार टीमों के साथ शुक्रवार को खम्भो को जमीन में गड़ाने तथा हाईटेंशन लाइन के तारों को शिफ्टिंग कराने में जुटे रहे। टरननगंज बाजार,जुलैहटी, रावगंज सहित डेढ़ दर्जन मुहल्ले के लोग रोशनी के लिए तरस गये। इंवर्टर तथा मोबाइल, कम्प्यूटर भी चार्ज न होने के कारण धड़ाम हो गये। नगरीय क्षेत्र की पानी की आपूर्ति कालपी में स्थापित एक दर्जन नलकूपों से होती है। आंधी तूफान के कारण चार नलकूपों के ट्रांसफार्मर पोलो के नीचे गिर पड़े। तथा आधा दर्जन नलकूप विद्युत दोष के कारण ठप हो गये। नलकूपों के बंद हो जाने से पानी की सप्लाई बंद हो गयी। मजबूरी बस कालपी के वाशिंदों को यमुना नदी के पानी का इस्तेमाल करना पड़ा। तमाम लोग लोटा , बाल्टी तथा घड़ा लेकर हैंडपंपों में नंबर लगाए रहे दिखाई ई दिये है। विभागीय अवर अभियंता सभापति सिंह यादव ने बताया किे बिजली की आपूर्ति सही होते ही नलों से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी जायेगी। विद्युत एवं पेयजल सप्लाई की व्यवस्था कब तक सही हो पाती है। इसको लेकर कालपी के वाशिंदों में दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।






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