उरई। जिलाधिकारी डा0 मन्नान अख्तर की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।
जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद में संचालित समस्त निर्माण एवं विकास कार्यों को समय सीमा के अन्दर पूर्ण करायें। जिससे इसका लाभ आम नागरिको को मिल सके। एन्टी भूमाफिया प्रकरण के सम्बन्ध में निर्देश दिये कि जिन विभागो के प्रकरण लम्बित है वह तत्काल इन पर कार्यवाही कर निस्तारण करायें। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि वह जनपद में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। जिससे मौसमी बीमारियों के इलाज में कोई असुविधा न हो और लोगों को दवायें आवश्यकतानुसार मिलती रहें। उन्होंने कहा कि कूलरों में मच्छर न पलें इसके लिए कूलरों का पानी बदलते रहें और यह भी देखें कि कहीं आस-पास के क्षेत्रों में पानी इकट्ठा हो रहा है तो उसको इकट्ठा न होने दें। जिससे मच्छरों जनित बीमारियों यथा मलेरिया, डेंगू आदि से बचा जा सके। समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिये कि वह छात्रों की छात्रवृत्ति के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही करते हुए छूटे छात्रों को छात्रवृत्ति दिलाने की कार्यवाही करें। जिला विकास अधिकारी से कहा कि वह पुरानी पेयजल परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति के सम्बन्ध में पूर्ण जानकारी कर उपलब्ध करायें। विद्युत विभाग से कहा कि वह ग्राम स्वराज अभियान के अन्तर्गत विद्युत कनेक्शन दिये जाने वाले लक्ष्य को शीघ्र पूर्ण करें तथा ग्रामों में शिविरों का आयोजन करने के उपरान्त भी जिन लोगों के द्वारा नियमित कनेक्शन न लेकर अवैध रूप से विद्युत उपयोग की जा रही है उनके खिलाफ सख्ती बरतते हुए प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज करायें। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जल निगम, सेतु निगम, उज्जवला योजना, सौभाग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण/शहरी, सिंचाई विभाग, डूडा, जल निगम, आंगनवाड़ी, जिलापूर्ति विभाग, मनरेगा आदि योजनाओं की समीक्षा की। इसके साथ ही निर्देश दिये कि चयनित समग्र राजस्व ग्रामों को शासकीय योजनाओं से आच्छादित किया जाये।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अल्पना बरतारिया, जिला विकास अधिकारी श्रीमति मिथलेश सचान, पी0डी0 पी0एस0 चन्द्रोल, जिला वनाधिकारी बी0आर0 अहिरवार, उप कृषि निदेशक अनिल कुमार पाठक सहित अन्य अधिकारी एवं इंजीनियर उपस्थित रहें।






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