इटावा। मध्य प्रदेश के भिण्ड और इटावा को जोड़ने वाला चम्बल नदी का पुल शुक्रवार को एक बार फिर टूट गया। जिससे इटावा और ग्वालियर के बीच सीधा यातायात बाधित हो गया है। यह गतिरोध कई दिन जारी रहने की आशंका है।
लगभग चार दशक पुराने भिण्ड-इटावा चम्बल सेतु कई बार लड़खड़ा चुका है। महत्वपूर्ण सेतु होने के बावजूद इसके दीर्घकालीन स्थायित्व के लिए कोई प्रयास अभी तक नही किये गये हैं। गौरतलब है कि भिण्ड और इटावा के बीच केवल लगभग 34 किलोमीटर की दूरी है। जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्यामचरण शुक्ल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर चंद्रभानु गुप्ता विराजमान थे उस समय दोनों मुख्यमंत्रियों ने इन दोनों जिलों को एक करने के एक प्रस्ताव पर गंभीरता पूर्वक मंथन भी किया था।
लेकिन इतनी अल्प दूरी बीच में तीन वेगवती नदियों के पड़ जाने के कारण भारी साबित होती रही है। भिण्ड और इटावा के बीच चंबल के पहले क्वांरी और चंबल के बाद यमुना नदी पड़ती है।
अचानक पुल टूटने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं लोक निर्माण विभाग के अभियंता पुल की मरम्मत के लिए आनन-फानन मौके पर पहुंच गये। पुल के क्षतिग्रस्त होने से कुछ दिनों तक इटावा से ग्वालियर आवागमन करने वालों को चकर नगर या आगरा का रास्ता पकड़ना पड़ेगा।

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