उरई। भारतीय किसान यूनियन ने गेहूं खरीद केंद्रों को तमाशा करार देते हुए आरोप लगाया की खरीद केंद्रों पर ट्रेन किसानों के ट्रैक्टर खड़े हैं लेकिन उनके गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है जो खरीद के कर्मचारियों की लापरवाही का नमूना है।
शुक्रवार को जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में राजवीर सिंह जिलाध्यक्ष, बृजेश कुमार राजपूत, विजेंद्र सिंह, भगवान दास, रामकुमार पटेल, देवेंद्र कुमार, सौरभ तिवारी, सुनील दुबे, राजू मानसिंह प्रधान, आदि के द्वारा आरोप लगाया गया है कि जनपद में हो रही गेहूं खरीद केंद्रों पर लापरवाही के कारण खरीद लगभग बंद है नाममात्र को ही हो रही है। हर केंद्र पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों पर गेहूं खड़ा है। किसानों के गेहूं की खरीद न होने पाने के कारण उन्हें आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है इसलिए शक्ति के साथ सिस्टम को सुधारा जाए और गेहूं तुलाई में गति लाई जाए और गेहूं बेचने वाले किसानों का पैसा खाते में आ जाए। जनपद में लंबे समय से चना, मसूर की सरकारी खरीद की घोषणा के बावजूद भी खरीद नहीं हो पाई है उसको तुरंत शुरू कराया जाए। प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर दलहन एवं तिलहन खरीद केंद्र खोले जाएं जनपद में आंधी तूफान के कारण तारों के टूट जाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप जैसी मूलभूत जरूरतें भी नहीं हो पा रही है उन्हें तुरंत सुधार करवाया जाए। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी पेयजल की समस्या को देखते हुए गांव के तालाबों को भरने के लिए प्रधानों को निर्देशित किया जाए एवं खराब पड़े हैंडपंप को सही कराया जाए प्रभावित क्षेत्रों में नए हैडपंप लगाए जाएं जिससे लोगों को पेयजल संकट का सामना ना करना पड़े।
फोटो परिचय-जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जाते किसान यूनियन के कार्यकर्ता






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