जालौन-उरई। तहसील परिसर में लगा वाटर कूलर सफेद हाथी साबित हो रहा है। इस भीषण गर्मी में कूलर से एक बूंद पानी की किसी को सूखा गला तर करने के लिए नसीब नही है। तहसील में पानी की किल्लत से जहां आम लोग जूझ रहे हैं वही पर परिसर में बैठे उच्चाधिकारियों को इसकी कोई परवाह नही है।
वाह रे! योगी सरकार इस राज में किसानों को परेशानियों के अलावा और कुछ अभी तक नही मिला। किसान अपनी समस्या को लेकर तहसील आये ंतो इस राज में उन्हें ठंडा पानी भी नसीब नही है। लाखों की कीमत से खरीदा गया वाटर कूलर सिर्फ तहसील की शोभा बढ़ाने के लिए है। क्योंकि इससे पानी की बूंद तक नही निकलती।
बताते चले कि तहसील परिसर में तहसीलदार के अलावा पूरे तहसील क्षेत्र के आला हाकिम परगना मजिस्ट्रेट भी बैठते हैं। फिर भी जनमानस को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनता किसी अधिकारी की शिकायत उप जिलाधिकारी के पास करने आती है। लेकिन जब उनकी चैखट पर ही यह हालत है तो लोग शिकायत करने कहां जायें। पिछले वर्ष भी उक्त वाटर कूलर साल भर ठप्प रहा। यही हाल इस वर्ष भी चल रहा। जब इस संदर्भ में चर्चा की जाती है तो तहसीलदार एसडीएम पर और एसडीएम तहसीलदार पर जबाबदेही थोपकर एक किनारे हो जाते हैं।
गौरतलब है कि जालौन परगने की सीमा काफी दूर तक फैली हुई है। औरैया जनपद से लगे शंकरपुर तक से फरियादी इस तहसील में आते हैं। फिर भी उनका कोई ख्याल नही रखा जाता। दूर-दराज से आये फरियादियों के लिए निःशुल्क प्याऊ तक की व्यवस्था करने की जहमत तहसील प्रसाशन नही उठा सका है। संवेदनहीनता की हद है।

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