
कोंच-उरई । भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक और जीवन भर किसान हितों के लिये व्यवस्था से लड़ते रहे स्व. महेन्द्रसिंह टिकैत के निर्वाण दिवस पर उनके अनुयायियों ने उन्हें भावसिक्त श्रद्घा प्रसून समर्पित किये। खंड विकास कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अध्यक्षता कर रहे किसान नेता शारदाप्रसाद मास्टर ने कहा कि महात्मा टिकैत किसानों के मसीहा थे और उनके दिशा निर्देशन में किसानों ने अपने हक की लड़ाई लडऩी सीखी। उन्होंने कहा कि आज वे भले ही हमारे बीच न हों लेकिन जो संघर्ष की ज्योति उन्होंने जलाई थी वह आज ज्वाला बन कर किसानों के दिलों में धधक रही है। अन्य वक्ताओं डॉ. केदारनाथ सिमिरिया, तहसील अध्यक्ष चतुरसिंह, रामसिंह काका, डॉ. पीडी निरंजन, रामप्रताप घमूरी आदि ने भी उन्हें संघर्षशील और जीवट का व्यक्तित्व करार देने हुये कहा कि उनके बताये रास्ते पर चल कर किसान एक न एक दिन अपने अधिकारों की लड़ाई जरूर जीतेंगे। इसके बाद सभी ने सीएचसी जाकर मरीजों को फल वितरित किये। इस दौरान जयरामसिंह, मंत्री धनौरा, कुंजविहारी, रामराजा, राजेश, नंदकिशोर, रामप्रताप भदारी, चंद्रपाल, श्यामसुंदर, संदीप, रामाधार, राममनोहर आदि मौजूद रहे। श्यामसुंदर के अनुज श्यामबाबू के निधन पर सभी ने दो मिनट का मौन रख कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिये कामना की।






Leave a comment