उरई। गैर प्रांतों से आने वाली दुल्हनों ने जिले के कई कुवारों के घर बसाये। लेकिन पहले की तरह बाहरी दुल्हनों से निभाना अब आसान नही रह गया है। बिहार से एक दशक पहले लाई गई एक दुल्हन के मायके वाले अब पति के खिलाफ उसे बंधक बनाकर रखने और अमानवीय यातनाऐं देने का आरोप लगाते हुए बुधवार को पुलिस अधीक्षक की चौखट पर आ पहुंचे।
बिहार के गया जिले के रामपुर थाना अंतर्गत शाहमीर तकिया गांव की निवासिनी शारदा देवी पत्नी अरुण दास ने आज अपने गांव के कई लोगों के साथ पुलिस अधीक्षक के सामने पेश होकर आरोप लगाया कि उसने अपनी पुत्री मुन्नी का विवाह 2007 में जनपद के रामपुरा थाना अंतर्गत ग्राम छौना मानपुर निवासी नितेशराम पुत्र शोभाराम के साथ किया था।
पहले तो पति, ससुर, सास, जेठ, देवर आदि का व्यवहार उसकी पुत्री के साथ ठीक रहा। लेकिन इसके बाद उनकी नजरे बदल गईं और वे उसकी पुत्री के साथ मारपीट करने लगे। छह वर्षों से कई बार वे लोग अपनी पुत्री को लिवाने के लिए आये लेकिन मुकेश और उसके घरवालों ने मुन्नी को नही भेजा। उन लोगों ने मुन्नी को बंधक बना लिया है। उससे फोन तक से बात नही करा रहे। जिससे उसको अंदेशा हुआ है कि कही उसकी पुत्री की हत्या तो ससुराल के लोगों ने नही कर दी है। शारदा देवी ने उसकी पुत्री मुन्नी को ससुरालियों के चंगुल से छुड़ाने की मांग एसपी से की। उसके साथ अरुण दास, शारदा देवी, श्यामकिशोर राम, दिलीप कुमार, उर्मिला देवी और मुकेश कुमार भी थे। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच सीओ माधौगढ़ को सौंप दी है।






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