उरई । शिक्षा-रोज़गार अधिकार अभियान की ओर से नौजवान भारत सभा ने चकजगदेवपुर में घर घर जाकर शिक्षा और रोजगार के असाध्य संकट के बारे में बताया गया । अभियान की शुरुआत नारों से की गई   “सबको शिक्षा सबको काम,  वरना होगी नींद हराम “, “शिक्षा और रोजगार हमारा,  जन्मसिद्ध अधिकार है”   , और बताया  कि आज के समय में देश भर के सरकारी विभागों में लाखों पद खाली हैं. लेकिन इन नए पदों पर भर्तियाँ करने की बजाय पदों को ही समाप्त किया जा रहा है. बहुत सारे विभागों में परमानेंट भर्तियाँ करने की बजाय अधिकतर कामों को संविदा और ठेके पर दिया जा रहा है जहाँ पर कोई आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा नहीं है. अगर इन पदों पर नियमित भर्तियाँ करने के साथ ही पैसे और संसाधनों का इस्तेमाल करके करोड़ों नई नौकरियाँ भी पैदा की जा सकती हैं. छात्रों-नौजवानों की एक बड़ी आबादी की व्यापक लामबन्दी के ज़रिये आज इनको अमल में लाने के लिए बड़े आन्दोलन के लिए कमर कस लेनी होगी. अभियान के बारे में बताया कि 23 मार्च शहीदे आजम भगत सिंह सुखदेव राजगुरु की शहादत दिवस शिक्षा रोजगार अधिकार अभियान उत्तर प्रदेश की शुरुआत की गई । जिसमें 10 सूत्रीय प्रमुख मांगे रखी गई । लाखों की संख्या में हस्ताक्षर अभियान चलाकर शहीद-ए-आजम भगत सिंह के 111 वे जन्मदिवस 28 सितंबर को लखनऊ में प्रदेश सरकार को घेरेंगे।  हमारी प्रमुख मांगे हैं

1 – हर एक काम करने योग्य नागरिक को स्थाई रोजगार वह सभी को समान और निशुल्क शिक्षा के अधिकार को संवैधानिक संशोधन करके मूलभूत अधिकारों में शामिल किया जाए । प्रदेश सरकार इस बाबत विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर के केंद्र को भेजें।

2- प्रदेश में जिन पदों पर परीक्षा हो चुकी हैं उनमें पास होने वाले उम्मीदवारों  को तत्काल नियुक्तियां दी जाए। रिक्तियों की घोषणा से लेकर नियुक्ति पत्र देने की समय सीमा तय करके उसे सख्ती से लागू किया जाए । परीक्षा परिणाम घोषित होने के छह माह में नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य किया जाए ।

3- प्रदेश में विभिन्न विभागों में खाली पड़े लाखों पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए ।

4 – नियमित प्रकृति के कामों में ठेका प्रथा पर रोक लगाई जाए । सरकारी विभागों में नियमित काम कर रहे सभी कर्मचारियों को स्थाई किया जाए और ऐसे सभी पदों पर स्थाई भर्ती की जाए ।

5- प्रदेश में शहरी और ग्रामीण बेरोजगारों का पंजीकरण की व्यवस्था की जाए और रोजगार नहीं मिलने तक कम से कम ₹10000 बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। भगत सिंह राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून जल्द पारित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए।

6- प्रदेश में सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल हालत को ठीक किया जाए। सभी स्कूलों में शिक्षकों के खाली  पङे पद भरे जाएं और तय मानकों के अनुसार पढ़ाई की व्यवस्था की जाए। शिक्षा पर व्यय बढ़ाकर  जीडीपी का कम से कम 6% किया जाए।

7 – प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षा की बढ़ती निजीकरण और बाजारीकरण पर रोक लगाई जाए। निजी स्कूलों , कॉलेजों , मेडिकल- डेंटल , इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट कॉलेजों में  फीस सुविधाओं शिक्षकों की वेतन की मानक तय करने के लिए कानून बनाया जाए।

8-  बेरोजगार युवकों से हर वर्ष की जाने वाली हजारों करोड़ की कमाई बंद की जाए। नौकरियों के लिए आवेदन के भारी शुल्कों को खत्म किया जाए और साक्षात्कार तथा परीक्षा की यात्रा को निःशुल्क किया जाए।

9 – प्राइवेट ट्यूशन और कोचिंग सेंटरों की मनमानी और लूट को रोकने के लिए नियमावली बनाई जाए । 10 – प्रदेश में रोजगार और खाली पदों की स्थिति पर सरकार श्वेत पत्र जारी करें।

 

Leave a comment