0 पुलिस अधिकारी रोकने का नहीं जुटा पाते साहस
बंगरा-उरई । मप्र से ओवरलोड मौरम को भरकर आने वाले ज्यादा ट्रक बंगरा होते हुये गंतव्य को जाते दिखाई देते हंैं। लेकिन क्या मजाल कि पुलिस ऐसे ओवरलोड वाहनों को रोकने की जुर्रत दिखा पाये। सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों की धमाचैकड़ी से सड़कों की सेहत बिगड़ रही तो आम राहगीर भी दुर्घटनाग्रस्त होने को विवश हो रहे हैं।

ताज्जुब की बात तो यह है कि ओवरलोड वाहनों की धरपकड़ करने के लिये जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बनकर सब कुछ आंखों से देखते नजर आ रहे हैं।
गौरतलब हो कि मप्र से मौरम का धंधा जमकर फलफूल रहा है और जो मौरम माफिया है वह अपने ओवरलोड वाहनों को जनपद जालौन की सीमा बंगरा से होकर गंतव्य को ले जाते देखे जाते हैं। ऐसे ओवरलोड वाहनों के आगे व पीछे मौरम माफियाओं के कारिंदे असलहों से लैस होकर पहरेदारी करते हुये चलते हैं। इन्हीं कारिंदों ने जिम्मेदार अधिकारियों से पूरी सेटिंग बनाकर उनके पास नजराना पहुंचाते हैं फिर भी यदि किसी क्षेत्र में उनके ओवरलोड वाहन पकड़े जाते हैं तो वह सीधे बड़े अधिकारियों से बात कर मामले को वहीं रफादफा करवा देते हैं। फिर चाहे चैकी प्रभारी हो या थानाध्यक्ष हर स्तर पर सेटिंग का फार्मूला लागू रहता हैं कि ओवरलोड वाहनों पर से अपनी आंखें बंद रखो और इसका जो भी नजराना हो वह निश्चित समय पर लेते रहे। भ्रष्टाचार के माहौल में हर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी बहती गंगा में स्नान न सही तो हाथों से आचमन करने का कोई अवसर नहीं छोड़ना चाहता है। यही कारण है कि फिर चाहे सड़कांे की सेहत बिगड़े या दुर्घटनायें घटित हों मौरम भरकर आने वाले ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर बिराम नहीं लगता।







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